पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस ने सिया और चेतन के साथ अलग-अलग डमी ट्रायल और क्राइम सीन रिक्रिएशन किया. लेकिन रिक्रिएशन करने के बाद पुणे पुलिस ने डमी को वहां से ले जाने की ज़हमत भी नहीं की. वो डमी वहां 6 दिन तक लावारिस पड़ी रहीं. और अब 6 दिन बाद केतन के डमी को खाए में से उठाया गया है.