डोनाल्ड ट्रंप का नाकाबंदी दांव असर दिखा रहा है. एक तरफ ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची पाकिस्तान, ओमान और रूस के बाद फिर से पाकिस्तान लौटे हैं. दूसरी तरफ डोनाल्ड ट्रंप न तो अपनी टीम भेज रहे हैं और ना ही ईरान के प्रस्ताव पर अपना रुख साफ कर रहे हैं. लेकिन सबसे पहले आपको इस वक्त की सबसे बड़ी खबर बता दें. मिडिल-ईस्ट के सुलगते समंदर में अमेरिका ने अपना सबसे घातक मोहरा चल दिया है. ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी नौसेना का सुपरकैरियर USS ड्वाइट डी. आइजनहावर (CVN-69) युद्ध के मोर्चे पर लौट आया है. खबर है कि इस अमेरिकी विमानवाहक ने 24 अप्रैल को अपने समुद्री परीक्षणों को उम्मीद से कहीं पहले पूरा कर लिया है. अब ये विशालकाय परमाणु पोत मिडिल-ईस्ट में तैनात तीन अन्य अमेरिकी विमानवाहक पोतों- USS गेराल्ड फोर्ड, अब्राहम लिंकन और जॉर्ज बुश के साथ हाथ मिलाने जा रहा है.