जब आसमान में उपग्रह भेजने की दर ऑटो के किराये से सस्ती हो गई है. हम चांद के चक्कर लगा रहे हैं और मंगल पर पहुंचने की सोच रहे हैं. घर में बनाकर में युद्घक विमान उड़ा रहे हैं. तब देश की राजधानी में लोग घर जाने को तरस रहे थे, दफ्तर जाने के लिए परेशान थे. हजारों लोगों की ट्रेन और फ्लाइट छूट गई. क्योंकि नए मोटर व्हीकल एक्ट के नाम पर सारा सिस्टम जाम पड़ा था.