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10 तक: देश का नागरिक कौन और किसका है ये देश?

हम भारत के लोग. ये वो प्रस्तावना है जहां से इस देश की संप्रभुता शुरु होती है. जो हिन्दुस्तान के संविधान की आत्मा है. हमने अपने आप से वादा किया था कि किसी से धर्म, जाति, रंग या संप्रदाय के आधार पर भेदभाव नहीं होने देंगे. लेकिन नए नागरिकता कानून के बाद इस वादे की तौहीन का सवाल उठ गया है. लोग सड़कों पर उतरे, नारे लगे, गोली चली और मौत हुई. देखिए 10 तक में पूरी रिपोर्ट.

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