संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण बिल और परिसीमन को लेकर जोरदार बहस और हंगामा देखने को मिला. सरकार ने इसे जरूरी बताते हुए समर्थन किया, जबकि विपक्ष ने मंशा पर सवाल उठाते हुए परिसीमन को अलग करने की मांग की. विपक्षी दलों ने कहा कि वो महिला आरक्षण के पक्ष में हैं, लेकिन इसे जटिल न बनाया जाए और इससे परिसीमन को अलग कर लिया जाए. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या देश की नारी शक्ति को 33फीसदी का हक 2029 तक मिल पाएगा?