आज बात UP के चुनावी दंगल की, जिसके मैदान में हैदराबाद से आया सियासी योद्धा एक बार फिर कूद पड़ा है. राजनीति में कभी-कभी मंजिल से ज्यादा सफर मायने रखता है. और उत्तर प्रदेश में ओवैसी का सफर अब बहराइच पहुंचा है. वही बहराइच जहां इतिहास, आस्था और राजनीति अक्सर एक ही मंच पर खड़े दिखाई देते हैं. जहां सुहेलदेव और सालार मसूद गाजी की कहानी सिर्फ इतिहास की किताबों में नहीं बल्कि चुनावी भाषणों में भी जीवित रहती है.