पश्चिम बंगाल और असम में चुनावी सरगर्मी अब अपने चरम पर पहुंच चुकी है. बड़े-बड़े नेता लगातार रैलियां कर रहे हैं, रोड शो हो रहे हैं और हर दिन नए आरोप-प्रत्यारोप सुनने को मिल रहे हैं. विकास, रोजगार, कानून-व्यवस्था जैसे कई मुद्दे उठाए जा रहे हैं, लेकिन इन सबके बीच एक मुद्दा सबसे ज्यादा सुर्खियों में है, वो है घुसपैठ का. दोनों ही राज्यों में राजनीतिक दल इस मुद्दे को जोर-शोर से उठा रहे हैं. आरोप लगाया जा रहा है कि सीमा पार से अवैध घुसपैठ न सिर्फ सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि इससे स्थानीय संसाधनों और पहचान पर भी असर पड़ रहा है. वहीं, विपक्ष इन आरोपों को राजनीतिक एजेंडा बताकर खारिज कर रहा है. जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, घुसपैठ का मुद्दा और ज्यादा धार पकड़ता दिख रहा है.