अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे के बाद यूपी की ब्राह्मण राजनीति नए सिरे से आगे बढ़ गई है. महीने भर पहले बीजेपी के ब्राह्मण विधायकों की बैठक ने पूरे उत्तर प्रदेश में हलचल मचा दी थी. हड़कंप तो बीजेपी में भी मच गया, और यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी तो आगे से ऐसा न हो चेतावनी ही दे बैठे.
बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट रहे अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे को दरकिनार कर उत्तर प्रदेश सरकार ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश दिया है. अलंकार अग्निहोत्री को शामली जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से अटैच कर दिया गया है. यूपी के विशेष सचिव की तरफ से जारी आदेश के मुताबिक, अलंकार अग्निहोत्री जांच पूरी होने तक शामली जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से अटैच रहेंगे.
इस्तीफा और एक्शन अपनी जगह है, लेकिन अलंकार अग्निहोत्री के उठाए दो मुद्दों में से एक का सड़क पर असर भी देखा जा रहा है. यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ प्रदर्शन हो रहा है. कानपुर में यूजीसी बिल के विरोध में छात्रों ने काले झंडे लेकर पैदल मार्च निकाला.
26 जनवरी को इस्तीफा देने वाले अलंकार अग्निहोत्री का आरोप है कि यूपी में ब्राह्मण विरोधी अभियान चल रहा है. अलंकार अग्निहोत्री ने प्रयागराज में माघ मेले के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों के साथ दुर्व्यवहार का मुद्दा भी उठाया है.
और इसी बीच अयोध्या के GST डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह का भी इस्तीफा आ गया है. बताते हैं कि प्रशांत कुमार सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में इस्तीफा दिया है - और ये यूपी की ब्राह्मण बनाम ठाकुर राजनीति के प्रतिबिंब के तौर पर देखा जा रहा है.
अलंकार अग्निहोत्री का इस्तीफा
अलंकार अग्निहोत्री का दावा है कि यूपी में काफी समय से ब्राह्मण विरोधी अभियान चल रहा है. और, ब्राह्मणों को निशाना बनाकर प्रताड़ित किया जा रहा है. कहते हैं, कहीं डिप्टी जेलर एक ब्राह्मण को पीट रहा है, तो कहीं थाने में एक विकलांग ब्राह्मण को पीट-पीटकर मार डाला गया है... मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती स्नान करने गए थे, उनके शिष्यों और बुजुर्ग भिक्षुओं को लात-घूंसे और जूतों से पीटा गया.
हमीरपुर जेल की घटना की तरफ अलंकार अग्निहोत्री ने इशारा किया है. जेल में बंद विचाराधीन कैदी अनिल कुमार तिवारी की कथित तौर पर बेरहमी से पीटकर हत्या कर दी गई. मामला बढ़ता देख जेलर और डिप्टी जेलर सहित 8 लोगों पर हत्या और वसूली का मुकदमा दर्ज किया गया है.
अलंकार अग्निहोत्री ने यूजीसी के नए नियमों का मुद्दा भी उठाया है, भारत सरकार के 13 जनवरी 2026 को जारी राजपत्र के अनुसार, विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को घोषित अपराधी माना गया है... मतलब, आपका बेटा या बेटी वहां पढ़ रहे हों सकते हैं... कोई भी उनके खिलाफ भेदभाव का झूठा आरोप लगाकर शिकायत दर्ज करा सकता है, और समता समिति उनका फायदा उठाएगी. वो कहते हैं, दुर्दशा का सबसे बड़ा कारण है कि हमारे समाज के सांसद और विधायक, हमारा ब्राह्मण समुदाय, पूरी तरह से मूक दर्शक बने हुए हैं... वे चुप हैं. क्या वे चाहते हैं कि समाज में उनके बेटों, बेटियों और बहुओं का बलात्कार हो?
इस्तीफा बनाम इस्तीफा
यूपी में एक और इस्तीफा हुआ है. दूसरे इस्तीफे को काउंटर इस्तीफे के तौर पर देखा जा रहा है. अयोध्या के जीएसटी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की टिप्पणी से नाराज होकर इस्तीफा दिया है. प्रशांत कुमार सिंह का कहना है, संविधान में विरोध करने का तरीका तय है, लेकिन ठेला गाड़ी पर बैठकर मुख्यमंत्री को उल्टा-सीधा नहीं कह सकते... मैं आहत हूं... मुख्यमंत्री का अपमान मैं अब बर्दाश्त नहीं कर सकता.
कहते हैं, जिस प्रदेश का नमक और रोटी खाता हूं, प्रदेश के वेतन से मेरा परिवार चलता है... अगर उस प्रदेश के मुखिया पर असंसदीय शब्दों का प्रयोग किया जाएगा, तो मुझे दर्द होगा... मेरे अंदर भी दिल और संवेदना है... क्योंकि, मैं यूपी कर्मचारी नियमावली के तहत बंधा हुआ हूं... दो दिनों से इस पीड़ा को बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था, इसलिए राज्यपाल को इस्तीफा भेज दिया है.
साथ ही, GST डिप्टी कमिश्नर ने कहा है, मैं तब तक अपना सरकारी काम करता रहूंगा, जब तक मेरा इस्तीफा मंजूर नहीं हो जाता... इस्तीफा मंजूर होने के बाद, जो भी साधन मेरे पास होंगे, उनसे समाज के लिए काम करूंगा... आज जो दर्द मुझे है, वही मैं कह रहा हूं.
ब्राह्मण बनाम ठाकुर पॉलिटिक्स
यूपी में ब्राह्मण बनाम ठाकुर पॉलिटिक्स बरसों पुरानी है. बस किरदार बदलते रहते हैं, हालात वैसे ही बने रहते हैं. मौजूदा हालात में बड़ा सवाल ये है कि क्या अलंकार अग्निहोत्री ब्राह्मण राजनीति और वोटों के बूते अगले यूपी चुनाव में जीत दर्ज कर सकते हैं? और यही बात जीएसटी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह पर भी लागू होती है.
1. उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण वोटर की तादाद 9 से 10 फीसदी है. और, ठाकुरों की आबादी थोड़ी ही कम होगी, 8 से 9 फीसदी. यूपी के गोरखपुर, वाराणसी, देवरिया, जौनपुर, बलरामपुर, बस्ती, संत कबीर नगर, महाराजगंज, अमेठी, वाराणसी, चंदौली, कानपुर और इलाहाबाद जैसे दर्जन भर जिलों में ब्राह्मण वोटों का खासा दबदबा है. इन इलाकों में ब्राह्मण वोटर निर्णायक भूमिका में हैं. वैसे ही गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, कैराना और बिजनौर जैसे जिलों में ठाकुर वोटर को निर्णायक भूमिका में देखा जाता है.
2. बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के बाद अयोध्या के जीएसटी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह का इस्तीफा यूपी की ब्राह्मण बनाम ठाकुर पॉलिटिक्स के ताजातरीन नमूने के तौर पर देखा जा सकता है.
3. दिसंबर 2025 में यूपी के 50 विधायकों और विधान परिषद सदस्यों की बैठक पर खासा बवाल हुआ था. असल में, ये विधायक बीजेपी के थे. और, मीटिंग भी बीजेपी के ही विधायक पीएन पाठक के घर पर हुई थी. बाद में यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी ने बैठक को अनुशासनहीनता का मामला मानते हुए आगे से ऐसी हरकत नहीं होने की हिदायत दे डाली थी.
ब्राह्मण विधायकों की बैठक में तय किया गया था कि हर महीने मीटिंग होगी. लेकिन, उसके बाद कहीं कोई चर्चा भी नहीं सुनाई पड़ी है - और अब अफसरों के इस्तीफे ने नए सिरे से मामले को चर्चा में ला दिया है.
अलंकार अग्निहोत्री की स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और यूपी विधानसभा में विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडेय से हुई बातचीत ने उनके इस्तीफे पर राजनीतिक मोहर लगा दी है. अलंकार अग्निहोत्री ने जिलाधिकारी का नाम लेते हुए उनको ब्राह्मण होने के कारण गाली देने का भी आरोप लगाया है.
#WATCH | Bareilly | Suspended City Magistrate of Bareilly, Alankar Agnihotri says, "I want to ask the District Magistrate who called him last night and who is abusing me for being a pandit and he belongs to which ideology?... President's rule should be imposed to restore the… https://t.co/0Px6mPbnLl pic.twitter.com/FHxB9Z7wez
— ANI (@ANI) January 27, 2026
और ये भी देखने में आ रहा है कि आवाजें भी कई तरफ से उठ रही हैं. इशारों इशारों में ही सही जाने माने हिंदी कवि कुमार विश्वास ने भी अपनी भावना का इजहार किया है.
“चाहे तिल लो या ताड़ लो राजा,
— Dr Kumar Vishvas (@DrKumarVishwas) January 27, 2026
राई लो या पहाड़ लो राजा,
मैं अभागा ‘सवर्ण’ हूँ मेरा,
रौंया-रौंया उखाड़ लो राजा ..।”😢🙏
(स्व० रमेश रंजन) #UGC_RollBack pic.twitter.com/VmsZ2xPiOL