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15 फीट गहरे गड्ढे में फंसा हाथी और.... कुएं से निकालने में छूटे रेस्क्यू टीम के पसीने, Video

ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में खेत के बीच 15–16 फीट गहरे खुले कुएं में गिरे हाथी को राउरकेला फॉरेस्ट डिवीजन ने सुरक्षित बचा लिया. सूचना मिलने के बाद सुबह अर्थ मूवर मशीनों से ढलान बनाकर रेस्क्यू किया गया. कई घंटों की मेहनत के बाद हाथी बाहर निकला. वन अधिकारियों ने उसे निगरानी में रखकर पास के जंगल में छोड़ दिया.

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15–16 फीट गहरे गड्ढे में फंसा हाथी.(Photo: X/@PTI_News)
15–16 फीट गहरे गड्ढे में फंसा हाथी.(Photo: X/@PTI_News)

ओडिशा के सुंदरगढ़ जिला में एक हाथी के गहरे गड्ढे में गिरने की घटना सामने आई है. यह घटना खेत के बीच खुदे एक खुले गड्ढे में हुई, जिसकी गहराई करीब 15 से 16 फीट बताई जा रही है. स्थानीय लोगों ने सुबह हाथी की दर्दभरी आवाज सुनी, जिसके बाद तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी गई.

पीटीआई के मुताबिक, सूचना मिलते ही राउरकेला फॉरेस्ट डिवीजन के अधिकारियों ने बचाव की तैयारी शुरू की. हालांकि, यह जानकारी मंगलवार रात को ही मिल गई थी, लेकिन अंधेरा होने के कारण रात में रेस्क्यू करना संभव नहीं था. इसके बाद अधिकारियों ने सुबह होते ही बचाव अभियान शुरू किया और हाथी को सुरक्षित निकालने की योजना बनाई.

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गड्ढे से निकालने के लिए बनाई गई ढलान

वन अधिकारियों ने बताया कि बचाव के लिए अर्थ मूवर मशीनों को मौके पर बुलाया गया. मशीनों की मदद से गड्ढे के पास मिट्टी हटाकर एक ढलान बनाई गई, ताकि हाथी खुद चलकर बाहर निकल सके. इस पूरे अभियान को हाटीबाड़ी रेंज के अधिकारियों की निगरानी में अंजाम दिया गया.

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इस दौरान दो अर्थ मूवर मशीनों को लगातार काम में लगाया गया. कई घंटों की मेहनत के बाद हाथी धीरे-धीरे उस ढलान से ऊपर चढ़कर बाहर निकल आया. अधिकारियों के अनुसार, बचाव अभियान के दौरान पूरी सावधानी बरती गई, जिससे हाथी को किसी तरह की चोट नहीं आई.

रेस्क्यू के बाद जंगल में छोड़ा गया हाथी

जसोबंत सेठी, डीएफओ राउरकेला फॉरेस्ट डिवीजन ने बताया कि हाथी को बाहर निकालने के बाद कुछ समय तक उसकी निगरानी की गई. जब यह सुनिश्चित हो गया कि वह पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ है, तब उसे पास के गहरे जंगल में छोड़ दिया गया.

उन्होंने यह भी बताया कि जिस जगह हाथी गिरा वह हाथियों के आवाजाही वाले कॉरिडोर के पास है और वहां का कुआं बिना दीवार के खुला हुआ था. वन विभाग अब लोगों को जागरूक कर रहा है कि हाथियों के रास्तों में खुले कुएं या गड्ढे न छोड़ें, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों.

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