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BJD ने अपने 6 विधायकों को किया सस्पेंड, राज्यसभा चुनाव में की थी क्रॉस वोटिंग

ओडिशा में राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग के मामले में बीजद ने कड़ा कदम उठाते हुए अपने छह विधायकों को निलंबित कर दिया है. पार्टी ने पहले नोटिस जारी कर जवाब मांगा था, लेकिन संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर कार्रवाई की गई.

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पार्टी प्रमुख नवीन पटनायक के आदेश पर बीजेडी ने राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाले 6 विधायकों ​को निलंबित किया. (File Photo: PTI)
पार्टी प्रमुख नवीन पटनायक के आदेश पर बीजेडी ने राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाले 6 विधायकों ​को निलंबित किया. (File Photo: PTI)

ओडिशा में हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग के आरोपों के बाद बीजू जनता दल (बीजद) ने अपने छह विधायकों को निलंबित कर दिया है. पार्टी प्रमुख नवीन पटनायक के आदेश पर यह कार्रवाई की गई. 

निलंबित विधायकों में बालिगुडा से चक्रमणि कन्हार, जयदेव से नबा किशोर मलिक, चौद्वार-कटक से सौविक बिस्वाल, बस्ता से सुभासिनी जेना, तिर्तोल से रामकांत भोई और बांकी से देवी रंजन त्रिपाठी शामिल हैं. यह निर्णय पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति (PAC) की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता खुद नवीन पटनायक ने की.

पार्टी ने इन सभी विधायकों को 17 मार्च को कारण बताओ नोटिस जारी किया था. कल शाम को इनके जवाब प्राप्त हुए थे, लेकिन बीजद के मुख्य सचेतक प्रमिला मलिक के अनुसार ये जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए, जिसके बाद निलंबन का फैसला लिया गया. पार्टी का कहना है कि वह विधानसभा अध्यक्ष से इन विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग करेगी.

यह भी पढ़ें: राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की किरकिरी... बिहार, ओडिशा और हरियाणा में अपने ही विधायकों ने दिया धोखा

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बता दें कि ओडिशा की चार राज्यसभा सीटों के लिए 16 मार्च, 2026 को चुनाव हुए थे. इन चुनावों में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दो सीटें जीतीं, अन्य दो सीटों पर बीजद और भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार को जीत मिली. ओडिशा की 147 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा और उसके समर्थक निर्दलीय विधायकों की संख्या 82 है, लेकिन पार्टी उम्मीदवारों को 93 प्रथम वरीयता वोट मिले, जो उसकी वास्तविक संख्या से 11 अधिक हैं.

इन अतिरिक्त वोटों में 8 बीजद और 3 कांग्रेस विधायकों के वोट शामिल थे. इस क्रॉस वोटिंग ने विपक्षी बीजद के भीतर अनुशासन को लेकर सवाल खड़े कर दिए. पार्टी नेतृत्व ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया था कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. विधायकों का निलंबन बीजद के भीतर संदेश देने के लिए है कि पार्टी लाइन से अलग होने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे.

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