मध्य प्रदेश के भोपाल में 31 साल की ट्विशा शर्मा की मौत का मामला अब महज आत्महत्या की सामान्य घटना तक सीमित नहीं रह गया है. यह मामला अब रहस्य, आरोपों और कई सवालों से घिरा एक ऐसा प्रकरण बन चुका है, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. ट्विशा का शव पिछले दस दिनों से सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखा हुआ है. परिवार अंतिम संस्कार करने के लिए तैयार नहीं है, क्योंकि उनका कहना है कि जब तक न्याय मिलने का भरोसा नहीं होगा, वे शव नहीं ले जाएंगे.
समर्थ की अग्रिम जमान याचिका टली
इधर, आरोपों में घिरी ट्विशा की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को अदालत से अग्रिम जमानत मिल चुकी है, जबकि उसका पति समर्थ सिंह फिलहाल फरार है. समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर बुधवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में होने जा रही सुनवाई टल गई थी. ये सुनवाई आज यानी शुक्रवार या फिर सोमवार को हो सकती है. इससे पहले समर्थ की जमानत याचिका भोपाल जिला अदालत से खारिज हो चुकी है.
समर्थ कहां जा छुपा है? क्या छत पर झगड़ा हुआ था
इस हाई प्रोफाइल केस में लगातार नए खुलासों के बीच अब तक समर्थ का पुलिस की पहुंच से दूर होना कई सवाल खड़े करता है. ट्विशा को लगभग मृत हालत में छत से नीचे लाने और अस्पताल तक पहुंचाने वाला उसका पति समर्थ आखिर कहां जा छुपा है? आखिर ट्विशा की मौत की रात छत पर क्या हुआ था? ट्विशा के टैरेस पर पहुंचने और उसे बुरी हालत में नीचे लाए जाने तक पूरा एक घंटा बीत चुका था. ऐसे में क्या छत पर ट्विशा और समर्थ के बीच बहस हुई थी? क्या ट्विशा की सास भी छत पर मौजूद थी? इन सभी सवालों को जवाब समर्थ की गिरफ्तारी और पुलिस पूछताछ के बाद ही मिल सकेगा.
'बिना स्थाई वारंट के इनाम घोषित किया गया'
इधर, समर्थ सिंह के वकील मृगेंद्र सिंह ने मामले में निष्पक्ष जांच पर संदेह जताया है. साथ ही उन्होंन ट्विशा शर्मा के परिजनों पर अनर्गल बातें फैलाने का आरोप लगाया है. उन्होंने समर्थ सिंह पर इनाम की घोषणा करने और उसकी राशि बढ़ाए जाने को लेकर कहा कि बिना स्थाई वारंट के इनाम घोषित करना और उसकी राशि बढ़ाना, शर्मनाक और धमकी देने जैसा कदम है.
आत्महत्या मानने को तैयार नहीं ट्विशा का परिवार
12 मई को हुई ट्विशा की मौत के बाद से इस मामले में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं और कई नए सवाल भी उठ खड़े हुए हैं. ट्विशा का परिवार शुरू से ही इसे आत्महत्या मानने से इनकार कर रहा है, जबकि पुलिस भी अब तक कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर स्पष्ट तस्वीर पेश नहीं कर सकी है. वहीं, घटना के बाद सामने आए वीडियो, चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य घटनाक्रमों ने इस पूरे मामले की गुत्थी को और उलझा दिया है.
दूसरी ओर, परिवार लगातार यह आशंका जता रहा है कि घटना स्थल पर मौजूद कुछ अहम सबूतों के साथ छेड़छाड़ की गई हो सकती है. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि पुलिस ने मौके को कितनी जल्दी अपने कब्जे में लिया और क्या हर पहलू से फॉरेंसिक जांच पूरी गंभीरता के साथ की गई.