नोएडा की पूर्व मॉडल ट्विशा शर्मा की मौत से जुड़े चर्चित मामले में मंगलवार को कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई. इस दौरान ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया. सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत 30 जून तक बढ़ा दी. मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस बार भी दोनों आरोपियों की रिमांड नहीं मांगी. एजेंसी ने अदालत से दोनों की 14 दिनों की न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग की, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया. सुनवाई के दौरान CBI ने अदालत को बताया कि उसे अभी तक दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है. इसी रिपोर्ट का इंतजार जांच एजेंसी भी कर रही है, क्योंकि मामले के कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब इससे मिलने की उम्मीद है.
सुनवाई के दौरान गिरिबाला सिंह ने अदालत में एक आवेदन भी दाखिल किया. उन्होंने मांग की कि जेल में वकीलों से मिलने के समय पर किसी तरह की पाबंदी न लगाई जाए और उन्हें कानूनी सलाह लेने के लिए पर्याप्त समय दिया जाए. अदालत ने उनकी अर्जी पर सुनवाई की. कोर्ट में ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा और परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे. मामले की हर सुनवाई पर परिवार की नजर बनी हुई है और वे लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं.
वहीं गिरिबाला सिंह के वकील जॉर्ज कार्लो ने अदालत में एक अलग मांग रखी. उन्होंने कहा कि मीडिया को इस मामले से दूर रखा जाए. उन्होंने यह भी कहा कि ट्विशा शर्मा के परिजनों की तरफ से पैरवी कर रहे वकीलों को भी मीडिया में बयान देने से रोका जाना चाहिए. इस मांग पर भी अदालत के समक्ष चर्चा हुई. यह मामला 12 मई 2026 को सामने आया था, जब ट्विशा शर्मा का शव भोपाल स्थित उनके ससुराल में फंदे से लटका हुआ मिला था. घटना के बाद मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया था और मौत की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल खड़े हुए थे.
जेल में वकील से मिलने की छूट मांगने कोर्ट पहुंचीं गिरिबाला सिंह
बता दें, ट्विशा शर्मा की शादी 9 दिसंबर 2025 को भोपाल निवासी समर्थ सिंह से हुई थी, जो पेशे से वकील हैं. परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही ट्विशा को कम दहेज लाने को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था. परिवार का कहना है कि शादी के कुछ ही समय बाद से उसके साथ लगातार मानसिक और अन्य प्रकार का उत्पीड़न किया जाने लगा था.
मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य घटना वाली रात की आखिरी फोन कॉल भी है. 12 मई 2026 की रात 9 बजकर 41 मिनट पर ट्विशा ने अपनी मां से बात की थी. परिजनों का दावा है कि बातचीत के दौरान फोन के बैकग्राउंड में उसके पति समर्थ सिंह के चिल्लाने की आवाज सुनाई दे रही थी. इसके कुछ ही क्षण बाद फोन अचानक कट गया.
परिजनों के अनुसार जब बाद में दोबारा फोन किया गया तो कॉल उठाने वाली गिरिबाला सिंह थीं. उन्होंने सीधे ट्विशा की मौत की जानकारी दी. इस घटनाक्रम ने परिवार की शंकाओं को और बढ़ा दिया. रिकॉर्ड के अनुसार उसी रात करीब 10 बजकर 20 मिनट पर समर्थ सिंह ट्विशा को बेहोशी की हालत में भोपाल एम्स लेकर पहुंचे थे. वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया.
15 मई 2026 को सामने आई शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मामले को और उलझा दिया. रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी बताया गया, लेकिन साथ ही ट्विशा के शरीर पर कई चोटों के निशान भी मिलने की बात कही गई. रिपोर्ट के अनुसार ये चोटें मौत से पहले लगी थीं और संभव है कि किसी कुंद वस्तु के प्रहार से लगी हों.
दहेज प्रताड़ना के आरोपों के बीच CBI जांच पर टिकी सबकी नजर
बाद में मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) ने भी की और पति समर्थ सिंह से करीब तीन घंटे तक पूछताछ की गई. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दिल्ली एम्स में दूसरा पोस्टमार्टम कराया गया और CBI ने भी इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू की. अब इस पूरे मामले में दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है. CBI का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी. फिलहाल गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह न्यायिक हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है.