मध्यप्रदेश के शहडोल में सरकारी अधिकारियों की लापरवाही से एक नाबालिग अपनी परीक्षा नहीं दे सका. मामला मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को काले झंडे दिखाने का है.
मुख्यमंत्री यादव जब 8 फरवरी को शहडोल के धनपुरी में एक कार्यक्रम में जा रहे थे, तो रास्ते में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें काले झंडे दिखाए थे. इसी मामले में पुलिस ने तीन कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.
गिरफ्तार किए लोगों में से एक छात्र भी था, जिसकी उम्र 18 वर्ष से कम है. 12वीं का छात्र सत्यम 8 फरवरी से जेल में बंद था. जब 10 फरवरी को सुबह उसे छोड़ा गया, तब तक उसकी अंग्रेजी का पेपर हो चुका था. देखें कांग्रेस के प्रदर्शन का VIDEO:-
मुख्यमंत्री का शहडोल दौरे कई वजहों से विवादों में रहा. मुख्यमंत्री के सुरक्षा घेरे में हुई इस चूक से अधिकारी इतने घबरा गए कि कलेक्टरकेदार सिंह अपनी कार से उतरे और पुलिसकर्मी की लाठी लेकर खुद कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष अंकित सिंह को मारने लगे.
कलेक्टर के लाठी भांजने का वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी ने इसे 'प्रशासनिक बर्बरता' करार दिया है और प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है.
कानून के मुताबिक किसी भी नाबालिग को सामान्य जेल में नहीं रखा जा सकता. लेकिन बिना जांच के उसी विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार लोगों में एक नाबालिग को जेल भेजने का मामला भी अब तूल पकड़ता जा रहा है.
'आप अपनी जेल तैयार रखिए'
इस मामले में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने बीजेपी सरकार पर करारा हमला बोला है. 'X' पर एक वीडियो शेयर कर पटवारी ने लिखा, ''आदरणीय मुख्यमंत्री मोहन यादव जी, कल शहडोल में कांग्रेस के कार्यकर्ता शुद्ध पानी की मांग को लेकर आपको ज्ञापन देना चाहते थे. परंतु आपके कलेक्टर और पुलिस ने उन पर लाठियां भांजीं और उन्हें जेल भेज दिया. अगर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को स्वच्छ पानी मांगने पर जेल भेजा जाएगा, तो पूरी कांग्रेस आपकी जेल भरने के लिए तैयार है. अब मैं स्वयं शहडोल जाकर शुद्ध पानी की मांग करूंगा, आप अपनी जेल तैयार रखिए. शुद्ध पानी जनता का हक है और इसकी लड़ाई हम लड़ेंगे, चाहे जेल जाना पड़े.''