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मोनालिसा की शादी को 'शून्य' करने की उठी मांग, पारदी समाज की महिलाओं ने सौंपा ज्ञापन, केरल से MP तक हंगामा

Monalisa marriage case: मध्य प्रदेश के खरगोन की मोनालिसा के केरल में फरमान से हुए विवाह को लेकर अब पारदी समाज ने मोर्चा खोल दिया है. समाज की महिलाओं का दावा है कि जिस लड़की को बालिग बताकर दूसरे राज्य में शादी कराई गई, वह दरअसल नाबालिग है.

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मोनालिसा और फरमान की शादी पर संकट.(Photo:ITG)
मोनालिसा और फरमान की शादी पर संकट.(Photo:ITG)

मध्य प्रदेश के बैतूल में चर्चित मोनालिसा के विवाह को शून्य करने का मुद्दा उठा है. पारदी समाज की महिलाओं ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंप कर मोनालिसा को नाबालिग बताते हुए उसका विवाह शून्य करने की मांग की है.

बैतूल पारदी समाज की महिलाओं ने नाबालिग बालिका मोनालिसा के विवाह को निरस्त (शून्य) घोषित करने की मांग उठाई है. इस संबंध में समाज के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग की.

 ज्ञापन में बताया गया कि इस प्रकरण में राष्ट्रीय स्तर पर हुई जांच में गंभीर और कानून के विपरीत तथ्य सामने आए है. समाज के अनुसार, जांच में यह बात सामने आई है कि संबंधित बालिका नाबालिग है, लेकिन उसे बालिग दर्शाकर दूसरे राज्य में विवाह कराया गया.

उम्र को लेकर समाज का कहना है कि उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार बालिका की जन्मतिथि 30 दिसंबर 2009 बताई गई है. इस आधार पर 11 मार्च 2026 को हुए विवाह के समय उसकी उम्र लगभग 16 वर्ष थी, जो बाल विवाह निषेध कानूनों का उल्लंघन है. ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि इस प्रक्रिया में कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों का उपयोग किया गया.

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प्रकरण को लेकर यह भी आरोप लगाए गए हैं कि विवाह आयोजन में बाहरी राज्यों के कुछ प्रभावशाली लोगों की भूमिका हो सकती है. समाज ने इसे एक सुनियोजित मामला बताते हुए निष्पक्ष जांच की आवश्यकता जताई है.

ब्रेनवॉश' और बाहरी प्रभाव के आरोप

इस मामले में काउंसलर हर्षिता का कहना है, ''बहुत दिनों से देश में मुद्दा चल रहा है. केरल से स्टार्ट हुआ था. मोनालिसा ने केरल में जाकर शादी की थी. अब पता चला कि वो नाबालिग है. मोनालिसा का ब्रेनवॉश किया गया. उसे परिवार वालों के खिलाफ कर दिया है. नियम से मोनालिसा का विवाह शून्य किया जाए.''

क्या होती है 'शून्य' विवाह की मांग?
कानूनी रूप से यदि यह सिद्ध हो जाता है कि विवाह के समय लड़की नाबालिग थी या दस्तावेजों में हेराफेरी की गई थी, तो उस विवाह को 'शून्य' घोषित किया जा सकता है. समाज ने इसी आधार पर मांग की है कि इस विवाह को तत्काल निरस्त किया जाए और इसमें शामिल लोगों पर कार्रवाई की जाए.

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