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हाथ में भ्रूण और आंखों में न्याय की उम्मीद... जज के सामने शख्स ने रख दिया मृत बच्चा, हाईकोर्ट में मची अफरातफरी

MP हाईकोर्ट में आज एक ऐसी घटना घटी जिसने जजों से लेकर वकीलों और सुरक्षाकर्मियों तक, सबके होश उड़ा दिए. एक पिता अपने अजन्मे बच्चे का भ्रूण हाथ में लेकर सीधे जज की डाइस तक पहुंच गया. इस सनसनीखेज कदम के पीछे 200 करोड़ रुपये के घोटाले और जानलेवा हमले की एक खौफनाक कहानी सामने आई है.

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इंसाफ के लिए मृत भ्रूण लेकर कोर्ट पहुंचा पीड़ित पिता.(Photo:ITG)
इंसाफ के लिए मृत भ्रूण लेकर कोर्ट पहुंचा पीड़ित पिता.(Photo:ITG)

जबलपुर में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के गलियारों में आज उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक शख्स अपनी पत्नी के गर्भपात के बाद मृत भ्रूण को लेकर सीधे कोर्ट रूम में दाखिल हो गया. उसने जज की डाइस पर भ्रूण को रखते हुए गुहार लगाई कि या तो उन्हें न्याय दिया जाए या फिर 'इच्छा मृत्यु' की अनुमति दी जाए.

दरअसल, रीवा निवासी दयाशंकर पांडे पहले जबलपुर के शुभ मोटर्स में अकाउंटेंट के तौर पर काम करते थे. उनके दावों के अनुसार काम के दौरान उन्हें शोरूम में करीब 200 करोड़ रुपये के वित्तीय घोटाले की जानकारी मिली थी. जब उन्होंने इस घोटाले के खिलाफ आवाज उठाई और सच बोलना चाहा, तो उन पर और उनके परिवार पर जानलेवा हमले शुरू हो गए.

पत्नी का मिसकैरेज
फरियादी दयाशंकर का आरोप है कि हाल ही में हुए एक हमले के दौरान उनकी पत्नी के साथ मारपीट हुई, जिसके कारण उनका मिसकैरेज हो गया. इसी मृत भ्रूण को वे न्याय के सबूत के तौर पर कोर्ट लेकर आए थे.

चुनाव लड़ने और सुरक्षा की गुहार
दयाशंकर पांडे राजनीति में भी सक्रिय रहे हैं और साल 2024 में लोकसभा व विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं. उनका कहना है कि पिछले 2 साल में उन पर चार बार जानलेवा हमले हो चुके हैं. पुलिस और प्रशासन से कई बार सुरक्षा की गुहार लगाने के बावजूद जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो उन्होंने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की.

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पुलिस की कार्रवाई
घटना के तुरंत बाद हाईकोर्ट की सुरक्षा और ओमती पुलिस एक्टिव हुई. CSP सोनू कुर्मी ने बताया कि दयाशंकर पांडे और उनकी पत्नी को थाने लाकर समझाइश दी गई है. हाईकोर्ट के भीतर इस तरह से भ्रूण ले जाने को सुरक्षा में बड़ी चूक के तौर पर भी देखा जा रहा है.

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