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95 बार अटैक कर सास की जान लेने वाली बहू को सजा-ए-मौत, जानिए जुल्म की पूरी दास्तां

Crime News: इस हत्या का तरीका इतना क्रूर था कि बहू ने 95 बार हंसिया से सास पर हमला किया था. घटना के वक्त सास घर में अकेली थी. मृतक सरोज के बेटे ने इसकी सूचना पुलिस को दी और गंभीर हालत में संजय गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल में भर्ती कराया. जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था. 

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(प्रतीकात्मक तस्वीर)
(प्रतीकात्मक तस्वीर)

घरेलू विवाद में अपनी सास की धारदार हथियार से निर्मम हत्या करने वाली बहू को अदालत ने मौत की सजा सुनाई है. हत्यारी बहू ने सास के ऊपर क्रूरतापूर्वक हंसिया से 95 से अधिक वार किए थे. मध्य प्रदेश के रीवा न्यायालय में चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश पद्मा जाटव ने प्रकरण की सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया है. इस फैसले में सास की हत्या के हत्या की आरोपी बहू कंचन कोल को मौत की सजा सुनाई गई है.

इस ऐतिहासिक फैसले की जानकारी देते हुए अपर लोक अभियोजक अधिवक्ता विकास द्विवेदी ने बताया, मनगवां थाना इलाके के अंतरैला प्लांट गांव में करीब 2 साल पहले 12 जुलाई 2022 को घरेलू विवाद के चलते आरोपी बहू कंचन ने अपनी सास सरोज कोल (50 साल) की धारदार हंसिया से हत्या कर दी थी.

इस हत्या का तरीका इतना क्रूर था कि बहू ने 95 बार हंसिया से सास पर हमला किया था. घटना के वक्त सास घर में अकेली थी. मृतक सरोज के बेटे ने इसकी सूचना पुलिस को दी और गंभीर हालत में संजय गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल में भर्ती कराया. जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था. 

पुलिस ने बहू कंचन कोल के साथ ही सरोज कोल के पति वाल्मीकि कोल को भी आरोपी बनाया था. लेकिन सबूतों के अभाव में वाल्मीकि बरी हो गया. तीन दशक बाद रीवा की अदालत में बड़ा फैसला आया है.

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इससे पहले नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के आरोप में एक कैदी और जेल प्रहरी को सजा-ए-मौत का फैसला सुनाया गया था. 

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