मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 25 मार्च को अपने जन्मदिन के अवसर पर प्रोटोकॉल को दरकिनार कर जनता के बीच रहने का फैसला किया. सागर जिले के प्रवास के दौरान उन्होंने मोइली गांव के एक साधारण किसान हरि रैकवार के निमंत्रण को सहर्ष स्वीकार किया और उनके घर पहुंचकर सबको चौंका दिया.
एक न्यूज एजेंसी के अनुसार, CM यादव ने किसी आलीशान होटल के बजाय किसान के घर की चारपाई और जमीन पर बैठकर भोजन किया. उन्होंने किसान की बहू के हाथों से बनाई गई दाल, सब्जी और चूल्हे की रोटियों का स्वाद लिया.
भोजन के दौरान मुख्यमंत्री बिल्कुल परिवार के सदस्य की तरह नजर आए, उन्होंने परिवार के छोटे बच्चों को दुलार किया और सदस्यों के साथ आत्मीयता से बातचीत की.
भावुक हुआ किसान परिवार
किसान हरि रैकवार के लिए यह किसी सपने के सच होने जैसा था. उन्होंने भावुक होते हुए कहा, "हमने कभी सोचा भी नहीं था कि प्रदेश का इतना बड़ा अधिकारी हमारे जैसे गरीब के घर आकर खाना खाएगा. मुख्यमंत्री जी ने हमें जो सम्मान दिया है, वह हम कभी नहीं भूलेंगे."
इस दौरान सीएम ने किसान की फसलों की स्थिति और गांव की अन्य समस्याओं को भी बड़े ध्यान से सुना.
जनता की सरकार, जनता के बीच
मुख्यमंत्री का यह कदम संदेश देता है कि राज्य सरकार केवल फाइलों में नहीं, बल्कि जमीन पर उतरकर काम कर रही है. सीएम यादव का गांव-गांव जाकर लोगों से सीधा संवाद करना उनके 'जन-केंद्रित' शासन की शैली को दर्शाता है.
जन्मदिन के इन सादगी भरे क्षणों ने न केवल मोइली गांव के लोगों का दिल जीता, बल्कि पूरे प्रदेश में उनके इस अंदाज की चर्चा हो रही है.