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MP: सरकारी कार्यक्रम में नहीं पहुंचे मंत्री तो बेटा ही बन गया चीफ गेस्ट, कांग्रेस ने उठाए सवाल

मध्य प्रदेश के भिंड जिले में राज्य सरकार की तरफ से आयोजित एक कार्यक्रम पर विवाद शुरू हो गया है. क्योंकि इस कार्यक्रम में मंत्री राकेश शुक्ला को आना था, लेकिन वो नहीं पहुंचे तो उनका बेटा ही कार्यक्रम का मुख्य अतिथि बन गया.

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मंत्री राकेश शुक्ला. (photo/ Social Media)
मंत्री राकेश शुक्ला. (photo/ Social Media)

मध्य प्रदेश के भिंड ज़िले में हुए एक सरकारी कार्यक्रम पर विवाद खड़ा हो गया है. इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला को बतौर मुख्य अतिथि आना था लेकिन जब वो नहीं आए तो उनके बेटे को चीफ गेस्ट बनाकर कार्यक्रम किया गया. कांग्रेस ने अब इसपर सवाल खड़े किए हैं और राज्य सरकार पर हमला बोला है.
 
दरअसल, भिंड ज़िले के मेहगांव विधानसभा क्षेत्र में ‘संकल्प से समाधान’ कार्यक्रम आयोजित किया गया था. जिसमें जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी थी. कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला को कार्यक्रम में शामिल होना था, लेकिन वे नहीं पहुंचे. उनकी जगह उनके बेटे आलोक शुक्ला कार्यक्रम में पहुंचे. हैरानी की बात यह रही कि अधिकारियों ने उन्हें मुख्य अतिथि के रूप में मंच पर स्थान दिया और उनके हाथों से ही हितग्राहियों को प्रमाण पत्र बंटवा दिए. 

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कांग्रेस बोली, कल को बेटे को भेजेंगे कैबिनेट बैठक में?

हैरानी की बात यह है कि आलोक शुक्ला किसी वैधानिक पद पर नहीं हैं इसके बावजूद उनके लिए पूरा प्रोटोकॉल रहा. अब कांग्रेस ने इस पूरे कार्यक्रम पर सवाल उठाए हैं. कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने आजतक से बात करते हुए कहा कि अफसरों ने बीजेपी नेताओं को खुश करने के लिए नियम कायदे ताक पर रखा दिए हैं. यह कौन सा नियम है कि मंत्री नहीं आए तो बेटे को चीफ गेस्ट बना दो?

इस हिसाब से तो कल को मंत्री अपनी जगह बेटे को कैबिनेट बैठक में भेजना शुरू कर देंगे? वहीं इस पूरे घटनाक्रम पर सीईओ जिला पंचायत वीर सिंह चौहान ने कहा कि मंत्री को कार्यक्रम में आना था, लेकिन वे नहीं आ पाए. उनके प्रतिनिधि के रूप में बेटे आए इसलिए उनसे प्रमाण पत्र वितरण कराया गया. 

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