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समीक्षा

स्वामी रामकृष्ण परमहंस व 'पुरखा पत्रकार का बाइस्कोप' पुस्तक का कवर

रामकृष्ण परमहंस ने जब खुद को कहा था ब्राह्मणी बत्तख

18 फरवरी 2021

धर्म और जाति से परे, सनातन धर्म के मूल, परम तत्व को जीवन में अपनाने वाले, महान आध्यात्मिक संत, समाजसेवी, मानवता के परमपोषक, मां काली के उपासक, स्वामी विवेकानंद के गुरु, ‎दक्षिणेश्वर काली मंदिर के पुजारी स्वामी रामकृष्ण परमहंस की जयंती पर पढ़िए साहित्य आजतक की विशेष प्रस्तुति.

उसने गांधी को क्यों मारा पुस्तक का आवरण चित्र

पुस्तक अंशः उसने गांधी को क्यों मारा; हिंदू भी नाराज!

29 जनवरी 2021

30 जनवरी, 1948 की शाम को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के भौतिक शरीर की हत्या नई दिल्ली स्थित बिड़ला भवन में नाथूराम गोडसे द्वारा गोली मारकर कर दी गई थी. पर क्या वह उनके विचारों, सपनों को खरोंच भी पहुंचा सकी. पढ़िए महात्मा के जीवन की एक घटना

विकट काल की प्रतिध्वनि- थीमवादी कविताएं का आवरण-चित्र

समीक्षाः विकट काल की प्रतिध्वनि, जीवनानुभवों की इबारत

29 जनवरी 2021

चंद्रमाप्रसाद खरे इंदुभूति ऐसे ही कवियों में हैं जिन्हें परिस्थितियों ने कवि बना दिया. 90 पार के खरे की रचनाशीलता उम्र की उत्तरशती के बावजूद थमी नहीं. उनकी बौद्धिक इंद्रियां सजग हैं- इसलिए वे सदैव अपने देखे जिये और भोगे को लिखते रहे.

'अमेरिका 2020: एक बंटा हुआ देश पुस्तक का कवर

पुस्तक अंशः अमेरिका 2020- एक बंटा हुआ देश

20 जनवरी 2021

दुनिया का सबसे पुराना लोकतंत्र होने की दावेदारी करने वाले देश-अमेरिका-के राष्ट्रपति चुनाव का आँखों-देखा हाल बयां करने वाली अविनाश कल्ला की पुस्तक 'अमेरिका 2020: एक बंटा हुआ देश' का सबसे रोचक अंश

साहित्य 2020: कथेतर पुस्तकें, जिन्हें याद रखा जाएगा

कथेतर विधा की जिन पुस्तकों से होते हुए हम आए 2021 में

20 जनवरी 2021

हाल के कुछ वर्षों में कविता कहानी और उपन्यास लेखन की पारंपरिक विधाओं से अलग नया बहुत कुछ रचा जा रहा है, जिसने न केवल विधाओं के नए क्षितिजों का उदघाटन किया है बल्‍कि एक नया पाठक संसार पैदा किया है. कथेतर गद्य की विविध विधाओं पर एक नजर

दिद्दाः कश्मीर की योद्धा रानी का आवरण

विवाद और आशीष कौल की दिद्दा का हिंदी संस्करण

18 जनवरी 2021

कल्हण की राजतरंगिणी से अबतक के उपलब्ध हर साहित्य ने दिद्दा की नकारात्मक छवि ही उकेरी थी. हीरोइन कंगना राणावत को कानूनी नोटिस भेजने के बाद लेखक आशीष कौल 'दिद्दाः कश्मीर की योद्धा रानी' के साथ हिंदी में आए हैं.

प्रभाकर मिश्रा की पुस्तक 'एक रुका हुआ फैसला: अयोध्या विवाद के आखिरी 40 दिन' का कवर

पुस्तक समीक्षा: एक रुका हुआ फैसला; मंदिर मामले के फैसले की कहानी

12 जनवरी 2021

पेंगुइन प्रकाशन से प्रकाशित इस पुस्तक में प्रभाकर मिश्रा ने राम मंदिर मामले पर सुप्रीम कोर्ट की 40 दिनों की सुनवाई के बारे में विस्तार से लिखा है. साथ ही फैसले से जुड़ी कई अन्य दिलचस्प बातों का वर्णन भी किया है.

 इक़बाल रिज़वी की पुस्तक 'क्या रहा है मुशायरों में अब'

पुस्तक अंशः क्या रहा है मुशायरों में अब; गायब होती परंपरा की बात

07 जनवरी 2021

साहित्य और संस्कृति की अपनी तरह की इकलौती संस्था मुशायरा का सफर जारी है. शब्दों का यह उत्सव आज भी हो रहा है. साहित्य आजतक के पाठकों के लिए इक़बाल रिज़वी की पुस्तक 'क्या रहा है मुशायरों में अब' का अंश.

अनंत विजय की पुस्तक अमेठी संग्राम का कवर

स्मृति की जीत और कांग्रेसी अहंकार की अनसुनी दास्तान

06 जनवरी 2021

'अमेठी संग्रामः ऐतिहासिक जीत, अनकही दास्तान' पुस्तक इनदिनों काफी चर्चा में है. इस पुस्तक में अमेठी के इतिहास के साथ ही स्मृति इरानी की वर्ष 2014 से वर्ष 2019 की संघर्ष यात्रा की चर्चा बेहद बारीक ढंग से की गई है.

जिनकी पुस्तकों से साल 2020 में कविता का परिदृश्य गमक उठा

साहित्य 2020: जिनके संग्रहों से तृप्त होती रही कविता की प्यास

02 जनवरी 2021

कोरोना की विश्वव्यापी व्याधि के बावजूद कवियों की कलम रुकी नहीं. वह चलती रही. कविता, गीत, ग़ज़ल दोहे आदि सभी शैलियों में कविता का संसार उर्वर रहा. बीते साल कविता के परिदृश्य एक नजर

कोरोना भी धूमिल नहीं कर सका साल 2020 में जिन किताबों की चमक को

तो इन किताबों से रौशन हुआ था साल 2020 का कथा जगत

31 दिसंबर 2020

कोरोना की विश्वव्यापी व्याधि के बावजूद हिंदी लेखन की दुनिया ठिठक कर बैठी नहीं थी. सोशल मीडिया पर सक्रियता के साथ-साथ प्रकाशन गृहों ने अपना कारोबार भी संभाला. कथा साहित्य की दुनिया जिन छपे शब्दों से गुलजार हुई, साहित्य आजतक ने उनका एक जायजा लिया.