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समीक्षा

कविता संकलन 'यूँ ही साथ-साथ चलते' का आवरण चित्र

जोशी दंपति के काव्य-संकलन में साझा अनुभव की छुवन

08 अप्रैल 2021

इकतीस वर्ष के सुखद सान्निध्य में जहां कुछ लोगों के दाम्पत्य में दरारें पैदा होने लगती हैं, वहीं इस पूरे कालखंड को किसी साझा कविता संग्रह से उत्सवी बना दिया जाए, यह बहुधा कम कवियों के भाग्य में होता है.

आवरण चित्र-पुस्तकः मुंशी दुर्गा सहाय सुरूर जहानाबादी समग्र

सुरूर जहानाबादी की रचनाओं का जगमग संसार

07 अप्रैल 2021

सुरूर! हमने जीवित रहते तुम्हारा सम्मान नहीं किया.... तुम्हें हाथों से खोकर अब हम तुम्हारा सम्मान कर रहे हैं. यदि तुमने संसार के किसी अन्य देश में जन्म लिया होता तो आज तुम्हारी समाधि पर हीरे-मोती न्योछावर किए जाते, तुम्हारे स्मारक बनते, लोग तुम्हारे नाम पर जान छिड़कते... मुंशी प्रेमचंद

किताब में बंटवारे के दर्द को बताया गया है (फाइल फोटो)

बंटवारा और विस्थापन: अपनी ही मिट्टी से दो बार बिछड़ने की कहानी

27 मार्च 2021

आजादी की खुशी के बीच बिछड़ने के गम को एक किताब में पिरोया गया है. किताब का नाम ‘बंटवारा और विस्थापन’ है, जो कि विजय गुप्ता बंटी ने लिखी है. किताब की खास बात ये है कि बिछड़ने की एक क्रिया जिंदगी में दो बार घटी और ऐसी घटी जिसने जिंदगी ही बदल दी.

पाकिस्तान मेल उपन्यास का आवरण चित्र [सौजन्यः राजकमल प्रकाशन]

खुशवंत सिंह पुण्यतिथि विशेषः पुस्तक अंश- पाकिस्तान मेल

20 मार्च 2021

कहते हैं गुलामी के दिनों में जब खुशवंत सिंह के पिता दिल्ली की लगभग आधी बेशकीमती जमीनों के मालिक थे और राजे-महाराजे, गवर्नर्स और भारत के वायसराय तक उनके यहां रात्रि भोजों पर आते थे, तब खुशवंत पर लिखने का ऐसा जुनून सवार हुआ कि वे पूर्णकालिक लेखक बन गए.

साहित्योत्सव 2021: चंद्रशेखर कंबार, के श्रीनिवासराव और माधव कौशिक

कवि और कविताओं के नाम रहा 'साहित्योत्सव 2021'

15 मार्च 2021

साहित्य की दुनिया में कोरोना काल की महामारी के बाद यह पहला बड़ा जमीनी आयोजन था. साहित्य अकादमी के त्रिदिवसीय आयोजन 'साहित्योत्सव 2021' में तीनों दिन देश भर से आए साहित्यकारों, समीक्षकों, लेखकों, अनुवादकों और पत्रकारों गहमागहमी बनी रही.

स्वामी रामकृष्ण परमहंस व 'पुरखा पत्रकार का बाइस्कोप' पुस्तक का कवर

रामकृष्ण परमहंस ने जब खुद को कहा था ब्राह्मणी बत्तख

18 फरवरी 2021

धर्म और जाति से परे, सनातन धर्म के मूल, परम तत्व को जीवन में अपनाने वाले, महान आध्यात्मिक संत, समाजसेवी, मानवता के परमपोषक, मां काली के उपासक, स्वामी विवेकानंद के गुरु, ‎दक्षिणेश्वर काली मंदिर के पुजारी स्वामी रामकृष्ण परमहंस की जयंती पर पढ़िए साहित्य आजतक की विशेष प्रस्तुति.

उसने गांधी को क्यों मारा पुस्तक का आवरण चित्र

पुस्तक अंशः उसने गांधी को क्यों मारा; हिंदू भी नाराज!

29 जनवरी 2021

30 जनवरी, 1948 की शाम को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के भौतिक शरीर की हत्या नई दिल्ली स्थित बिड़ला भवन में नाथूराम गोडसे द्वारा गोली मारकर कर दी गई थी. पर क्या वह उनके विचारों, सपनों को खरोंच भी पहुंचा सकी. पढ़िए महात्मा के जीवन की एक घटना

विकट काल की प्रतिध्वनि- थीमवादी कविताएं का आवरण-चित्र

समीक्षाः विकट काल की प्रतिध्वनि, जीवनानुभवों की इबारत

29 जनवरी 2021

चंद्रमाप्रसाद खरे इंदुभूति ऐसे ही कवियों में हैं जिन्हें परिस्थितियों ने कवि बना दिया. 90 पार के खरे की रचनाशीलता उम्र की उत्तरशती के बावजूद थमी नहीं. उनकी बौद्धिक इंद्रियां सजग हैं- इसलिए वे सदैव अपने देखे जिये और भोगे को लिखते रहे.

'अमेरिका 2020: एक बंटा हुआ देश पुस्तक का कवर

पुस्तक अंशः अमेरिका 2020- एक बंटा हुआ देश

20 जनवरी 2021

दुनिया का सबसे पुराना लोकतंत्र होने की दावेदारी करने वाले देश-अमेरिका-के राष्ट्रपति चुनाव का आँखों-देखा हाल बयां करने वाली अविनाश कल्ला की पुस्तक 'अमेरिका 2020: एक बंटा हुआ देश' का सबसे रोचक अंश

साहित्य 2020: कथेतर पुस्तकें, जिन्हें याद रखा जाएगा

कथेतर विधा की जिन पुस्तकों से होते हुए हम आए 2021 में

20 जनवरी 2021

हाल के कुछ वर्षों में कविता कहानी और उपन्यास लेखन की पारंपरिक विधाओं से अलग नया बहुत कुछ रचा जा रहा है, जिसने न केवल विधाओं के नए क्षितिजों का उदघाटन किया है बल्‍कि एक नया पाठक संसार पैदा किया है. कथेतर गद्य की विविध विधाओं पर एक नजर

दिद्दाः कश्मीर की योद्धा रानी का आवरण

विवाद और आशीष कौल की दिद्दा का हिंदी संस्करण

18 जनवरी 2021

कल्हण की राजतरंगिणी से अबतक के उपलब्ध हर साहित्य ने दिद्दा की नकारात्मक छवि ही उकेरी थी. हीरोइन कंगना राणावत को कानूनी नोटिस भेजने के बाद लेखक आशीष कौल 'दिद्दाः कश्मीर की योद्धा रानी' के साथ हिंदी में आए हैं.