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समीक्षा

'अमेरिका 2020: एक बंटा हुआ देश पुस्तक का कवर

पुस्तक अंशः अमेरिका 2020- एक बंटा हुआ देश

20 जनवरी 2021

दुनिया का सबसे पुराना लोकतंत्र होने की दावेदारी करने वाले देश-अमेरिका-के राष्ट्रपति चुनाव का आँखों-देखा हाल बयां करने वाली अविनाश कल्ला की पुस्तक 'अमेरिका 2020: एक बंटा हुआ देश' का सबसे रोचक अंश

साहित्य 2020: कथेतर पुस्तकें, जिन्हें याद रखा जाएगा

कथेतर विधा की जिन पुस्तकों से होते हुए हम आए 2021 में

20 जनवरी 2021

हाल के कुछ वर्षों में कविता कहानी और उपन्यास लेखन की पारंपरिक विधाओं से अलग नया बहुत कुछ रचा जा रहा है, जिसने न केवल विधाओं के नए क्षितिजों का उदघाटन किया है बल्‍कि एक नया पाठक संसार पैदा किया है. कथेतर गद्य की विविध विधाओं पर एक नजर

दिद्दाः कश्मीर की योद्धा रानी का आवरण

विवाद और आशीष कौल की दिद्दा का हिंदी संस्करण

18 जनवरी 2021

कल्हण की राजतरंगिणी से अबतक के उपलब्ध हर साहित्य ने दिद्दा की नकारात्मक छवि ही उकेरी थी. हीरोइन कंगना राणावत को कानूनी नोटिस भेजने के बाद लेखक आशीष कौल 'दिद्दाः कश्मीर की योद्धा रानी' के साथ हिंदी में आए हैं.

प्रभाकर मिश्रा की पुस्तक 'एक रुका हुआ फैसला: अयोध्या विवाद के आखिरी 40 दिन' का कवर

पुस्तक समीक्षा: एक रुका हुआ फैसला; मंदिर मामले के फैसले की कहानी

12 जनवरी 2021

पेंगुइन प्रकाशन से प्रकाशित इस पुस्तक में प्रभाकर मिश्रा ने राम मंदिर मामले पर सुप्रीम कोर्ट की 40 दिनों की सुनवाई के बारे में विस्तार से लिखा है. साथ ही फैसले से जुड़ी कई अन्य दिलचस्प बातों का वर्णन भी किया है.

 इक़बाल रिज़वी की पुस्तक 'क्या रहा है मुशायरों में अब'

पुस्तक अंशः क्या रहा है मुशायरों में अब; गायब होती परंपरा की बात

07 जनवरी 2021

साहित्य और संस्कृति की अपनी तरह की इकलौती संस्था मुशायरा का सफर जारी है. शब्दों का यह उत्सव आज भी हो रहा है. साहित्य आजतक के पाठकों के लिए इक़बाल रिज़वी की पुस्तक 'क्या रहा है मुशायरों में अब' का अंश.

अनंत विजय की पुस्तक अमेठी संग्राम का कवर

स्मृति की जीत और कांग्रेसी अहंकार की अनसुनी दास्तान

06 जनवरी 2021

'अमेठी संग्रामः ऐतिहासिक जीत, अनकही दास्तान' पुस्तक इनदिनों काफी चर्चा में है. इस पुस्तक में अमेठी के इतिहास के साथ ही स्मृति इरानी की वर्ष 2014 से वर्ष 2019 की संघर्ष यात्रा की चर्चा बेहद बारीक ढंग से की गई है.

जिनकी पुस्तकों से साल 2020 में कविता का परिदृश्य गमक उठा

साहित्य 2020: जिनके संग्रहों से तृप्त होती रही कविता की प्यास

02 जनवरी 2021

कोरोना की विश्वव्यापी व्याधि के बावजूद कवियों की कलम रुकी नहीं. वह चलती रही. कविता, गीत, ग़ज़ल दोहे आदि सभी शैलियों में कविता का संसार उर्वर रहा. बीते साल कविता के परिदृश्य एक नजर

कोरोना भी धूमिल नहीं कर सका साल 2020 में जिन किताबों की चमक को

तो इन किताबों से रौशन हुआ था साल 2020 का कथा जगत

31 दिसंबर 2020

कोरोना की विश्वव्यापी व्याधि के बावजूद हिंदी लेखन की दुनिया ठिठक कर बैठी नहीं थी. सोशल मीडिया पर सक्रियता के साथ-साथ प्रकाशन गृहों ने अपना कारोबार भी संभाला. कथा साहित्य की दुनिया जिन छपे शब्दों से गुलजार हुई, साहित्य आजतक ने उनका एक जायजा लिया.

मृगतृष्णा

अंधी दौड़ में होने का अहसास कराती 'मृगतृष्णा'

04 दिसंबर 2020

ये वास्तव में उच्च मध्यमवर्गीय परिवारों की कहानियां है. इनके किरदारों के पास वो सबकुछ है, जिनके होने पर किसी भी शख्स को कामयाब मान लिया जाता है. अच्छी नौकरी, पैसा, सम्मान, प्यार और परिवार लेकिन फिर भी ये किरदार संतुष्ट नहीं हैं.

फणीश्वर नाथ रेणु की याद में लमही के एक अंक का कवर

लमही को याद रहे फणीश्वर नाथ रेणु, शताब्दी समय में निकाला विशेषांक

06 नवंबर 2020

हिंदी उपन्यास एवं कहानी की एक सदी की अंतर्यात्रा को समझने के लिए लमही एक बड़ा साहित्यिक माध्यम है. फणीश्वर नाथ रेणु की शताब्दी के उपलक्ष्य में अनेक युवतर आलोचकों ने उनके विभिन्न रचनात्मक पहलुओं पर लिखा है.

अमलेंदु तिवारी के उपन्‍यास 'विरक्‍त' का कवर

भाषाई अध्‍यात्‍म के विरल प्रकाश में 'विरक्‍त'

21 अक्टूबर 2020

युवा लेखक अमलेंदु तिवारी का उपन्‍यास 'विरक्‍त' गांव, देहात और पिता के वृहत्‍तर जीवन से होता हुआ मुंबई के निज के संघर्ष की आत्‍मिक बानगी पेश करता है.