'वुशु' सीखकर हैदराबाद की एक लड़की पूरी दूनिया में मशहूर हो रही है. अब आप सोच रहे होंगे कि 'वुशु' है क्या.
हम आपको बताते हैं कि 'वुशु' और फरीहा की कहानी...
दरअसल 'वुशु' चीन के मार्शल आर्ट्स का एक फाॅर्म है. इसे 1949 में इजाद किया गया था. हैदराबाद के स्कूल ने इसे लड़कियों को सिखाने का निर्णय लिया, जिससे वे अपनी रक्षा कर सकें. स्कूल में यह सिखाया जाने लगा. जिन लड़कियों ने इसे सीखा, उसमें सबसे सफल रहीं 14 साल की फरीहा तफीम.
राज्य प्रतिस्पर्धा जीतने के बाद फरीहा को के लिए चुना गया. यह प्रतियोगिता असम में होनी थी.
चूंकि यह जगह हैराबाद से बहुत दूर है इसलिए फरीहा की मां उसे वहां नहीं जाने देना चाहती थी. उसकी मां ने उससे कहा, 'तुम अब बड़ी हो रही हो और तुम्हारा इतना दूर जाना सुरक्षित नहीं है'.उसकी मां और भाई का मानना था कि अगर फरीहा ऐसी प्रतियोगिता में भाग लेतीे है तो उनके समुदाय में उसके बारे में कई तरह की बातें की जाएंगी.'
लेकिन फरीहा लगातार अपनी मां को समझाती रही. उसे उसके पिता का साथ मिला, वह गुवाहाटी गई और वहां उसने राष्ट्रीय प्रतियोगिता भी जीत ली.

अब फरीहा पर जयीशा पटेल 'इंडियाज वुशु वॉरियर गर्ल' नाम की बना रही हैं. जयीशा कहती हैं, 'मैं फरीहा की उम्र जानकर हैरान थी कि इतनी छोटी बच्ची ने किस तरह अपने समुदाय के विचारों से अलग जाकर अपने लिए रास्ता बनाया. उसकी कहानी प्रेरणा देने वाली है.'