scorecardresearch
 

मसाला माफिया पास्ता किसी को चाहिए क्या?

भुने हुए वडा-पाव पर शेजवान सॉस और पिघली हुई मॉजरेला चीज. समोसे में भरी हुई चिकन चाउमिन, गुलकंद चीजकेक, दाल पर भुनी हुई मछली. यानी एक ही थाली में पूरब और पश्चिम के जायकों का संगम.

Advertisement
X

भारतीय लोगों के खान-पान की पसंद किसी राजनैतिक या पाक कला संबंधी सीमा को नहीं मानती. शहरी भारत खुशी-खुशी इटैलियन पास्ता, चीजकेक और पिज्‍जा को जाने-पहचाने देसी तड़के के साथ मिला रहा है. स्थानीय भोजन को कुछ बेमेल ही सही मगर एक पूर्वी या पश्चिमी चुटकी की मिल रही है.
विभिन्न प्रकार के व्यंजनों के स्वाद की पारखी लेखिका 67 वर्षीया ईस्थर डेविड ने सबसे पहले 1990 के दशक में शादियों में इस बदलाव पर गौर किया. तब भी तरह-तरह के व्यंजनों वाली दावतें धन-दौलत के प्रदर्शन का जरिया थीं. वे याद करती हैं, ''मैं टूटी-फ्रूटी की भरावन वाला करेला देखकर हैरान रह गई. वह फ्यूजन फूड का शानदार नमूना था.'' लगभग उसी समय जर्मनी से निर्वासित एक युवा अवैध आप्रवासी बलजीत सिंह ने चंडीगढ़-लुधियाना मार्ग पर स्थित नीलोन में एक इंडो-जर्मन ढाबे की स्थापना की और उत्सुक पंजाबी यात्रियों को तरह-तरह के पास्ता परोसने शुरू किए. एक दशक बाद उन्होंने वह दुकान बंद कर दी लेकिन अब भी कोई न कोई मोटर यात्री रुककर बलजीत सिंह की चटपटी स्पैगेटी के बारे में पूछ ही लेता है.
चंडीगढ़ में पांच कैफे और फूड रेस्तरां चला रहीं 37 वर्षीया प्रिया और 38 वर्षीय अभय जगत का मानना है कि तेजी से सिकुड़ती हुई दुनिया में फ्यूजन अपरिहार्य है. उनका कैफे नोमैड इतालवी (पास्ता और पिज्‍जा), भारतीय (पनीर एवं दक्षिणी मसाले) और पूर्वी (सब्जियां, सोया और फिश सॉस) के लिए एक संगम स्थल है. जगत कहते हैं, ''देसी थाली के साथ पूर्वी और भूमध्यसागरीय सम्मिश्रण अलग ही मजा देता है.'' भारत की सड़कों पर तो जैसे फ्यूजन फूड्स का विस्फोट ही हो गया है. महानगरों के अलावा सूरत, अहमदाबाद, अमृतसर, लुधियाना, चंडीगढ़, जयपुर, हैदराबाद की शामें वर्षों में तैयार की गईं पाक-कला संबंधी अविश्वसनीय श्रृंखला प्रस्तुत करती हैं.   
अहमदाबाद के लॉ गार्डन और अम्बावडी में घुमक्कड़ गुजराती तीन दशकों से भी अधिक समय से सर्वोत्तम शुद्ध शाकाहारी जैन पिज्‍जा, जैन टाको एवं एन्चिलाडा का स्वाद ले रहे हैं. लुधियाना से लेकर अहमदाबाद तक चाउमिन भरे हुए समोसे लोगों को बहुत भा रहे हैं. दाबेली (देसी आलू पैटी बर्गर) हर जगह के छात्रों के लिए सार्वभौमिक प्रमुख फूड है. पनीर मोमोज का शौक राष्ट्रव्यापी हो चला है.
इस तरह के नए माहौल से उत्साहित हो टॉप शेफ विशिष्ट गुलकंद चीजकव्क और खुबानी की क्रीम ब्रुली जैसी एकदम नई-नई चीजें लेकर आ रहे हैं. कोलकाता के प्रदीप रोजारियो मछली की स्थानीय किस्मों-पद्दा को एक इंडोनेशियाई सॉस में, कांटे निकाली हुई टेंगड़ा को थाई करी में और तली हुई छोटी मुरोला को शे.जवान सॉस में डुबोकर परोस रहे हैं. अलग-अलग क्लाएंट के लिए रेस्तरां, कैफे एवं फूड कोर्ट स्थापित करने वाली दिल्ली की कंपनी अंडर वन रूफ के 39 वर्षीय शेफ मनु मोहिंद्रा कहते हैं, ''सबसे पहले फ्रांसीसी व्यंजनों में मिश्रण शुरू हुआ. अब पाक-कला संबंधी संगम का भविष्य यहां है.''
जगत भी इससे सहमत हैं. वे कहते हैं कि देसी स्वाद को लंबे अरसे तक विभिन्न प्रकार के व्यंजनों से तृप्त किया जाता रहा है. इनमें से कई व्यंजन स्थानीय थे. कई व्यंजन ऐसे थे जिन्हें अलग-अलग समय पर आने वाले व्यापारी और हमलावर अपने साथ लेकर आए. वे कहते हैं कि भोजन का सम्मिश्रण बहुत पहले शुरू हुआ और यह अब भारत में अपनी खुद की पाक शैली का रूप ले रहा है.
क्या आप जानते हैं?
मुलीगतावनी भारत की शुरुआती सूप डिश परोसने की कोशिशों में से है. चेन्नै के खानसामों ने भारत में अंग्रेजों के आने के ठीक बाद यह डिश बनाई थी. अब यह अंतरराष्ट्रीय स्तर की डिश बन चुकी है. इसमें, मसालेदार सूप में या तो चिकन डला हुआ होता है, या लैंब या फिर बीफ.

Advertisement

गुलकंद चीजकेक
बत्तीस वर्षीय शेफ तिम्मा रेड्डी कहते हैं कि फ्युजन व्यंजनों में, ''भिन्न स्वादों को इस तरह मिलाना होता है कि वे मिलकर अलग स्वाद बन जाएं.''  और इसका सटीक उदाहरण है, मुंह में जाते ही घुल जाने वाला चीज़केक. इसमें गुलकंद भी है. उत्तरी अमेरिका के इस जबरदस्त डेसर्ट में अच्छे से घुले-मिले इस मजेदार देसी स्वाद ने इसके जायके को कई गुना बढ़ा दिया है. इस मदमस्त नए प्रयोग को हैदराबाद के द पार्क में आजमाया जा सकता है.

मालाबारी रिसॉतोMalabari rishato
सब्जियों और कोकोनट मिल्क के साथ पकाए गए चावलों में ढेर सारा चीज, सुनकर ही मुंह में पानी आ जाता है. विदेशी और स्थानीय व्यंजनों को मिलाकर, उनमें पारंपरिक स्थानीय मसालों को डालकर नया स्वाद तैयार किया जा रहा है. हैदराबाद के इंडियन आर्ट कैफे में मालाबारी करी और इतालवी रिसॉतो के संगम से मुंह का जायका बढ़ाया जा सकता है.

क्या आप जानते हैं?
थल सेना और वायु सेना की रसोइयां सबसे पहले ऐसे फ्यूजन को अंजाम देने वालों में से हैं. क्लीमेंट टाउन (देहरादून) के आइएएफ ऑफिसर्स मेस में आज भी पोटैटो पुट्टी मैश (आलू को मसलकर उनमें धनिया, पुदीना और मिर्च मिलाना) और देसी फ्लेम पुडिंग्स बनाया जाता है.

चाइनीज भेल और शेजवान वड़ा पाव
महाराष्ट्र की क्लासिक भेल पुरी में मुरमुरों की बजाए चॉप्सी डालिए. ग्रिल किए हुए वड़ा-पाव पर शे.जवान सॉस के साथ पिघला हुआ मॉ.जरेला डाल दीजिए. लीजिए बन गई नई डिश. ये कोई बहुत ही विलक्षण भोजन नहीं है, लेकिन 50 रु. में यह बड़ा ही मजेदार अनुभव है. हैदराबाद की द वड़ा पाव फैक्टरी के मैनेजर 25 वर्षीय मितेश धमानी कहते हैं, ''ये दोनों व्यंजन बहुत ही लोकप्रिय हैं.'' धमानी के मुताबिक, ''इससे लोग दोनों देशों का सर्वश्रेष्ठ अनुभव हासिल करते हैं.''

Advertisement

मलाई ब्रोकोली
रेडिसन की ग्रेट कबाब फैक्टरी ने ब्रोकोली और क्रीम ची.ज का अनूठा मेल तैयार किया है जिसे चुनिंदा मसालों में फ्राइ किया जाता है. इस तरह यह आम व्यंजनों से बोर हो चुके शाकाहारी लोगों के लिए एक नया स्वाद बन गया है. क्या कभी किसी ने सोचा होगा कि बेस्वाद ब्रोकोली इतनी स्वादिष्ट भी लग सकती है?

डाब शोर्स मूज और गोंधोराज सुफले
कोलकाता के द बोहीमियन की एक डिश है डाब शोर्स मू.ज जिसमें नारियल की मुलायम क्रीम में सरसों का तीखापन डाला गया है. इससे बना है जायकेदार मूस. इसे 42 वर्षीय शेफ जॉयमाल्या बनर्जी ने बनाया है. बनर्जी का मानना है कि शहर के लोगों को ऐसे आधुनिक व्यंजन पसंद आते हैं जिनमें बंगाली व्यंजन का पुट भी हो. बनर्जी के लोकप्रिय डेसर्ट में से एक है गोंधोराज सूफले. इसमें साबायोन में नींबुओं का राजा माने जाने वाले गोंधोराज की पत्तियां, इसका रस और छिलका मिलाकर जबरदस्त डेसर्ट तैयार किया जाता है.

खोरेश फेसेनजानKhoresh feshenjaan
अनार के रस में पकाई हुई बत्तख पारंपरिक ईरानी डिश है. भारतीय रसोईघरों में इसका फ्यूजन वर्जन भी तैयार है जिसमें बत्तख की जगह चिकन ले लेता है. इसमें प्याज डाले जाते हैं, अखरोट के छोटे-छोटे टुकड़े होते हैं. इन सब को अनार के रस में पकाया जाता है. चिकन को केसरिया बासमती चावल पर रखकर परोसा जाता है. यह डिश राजधानी के दिल्ली दरबार में मिलेगी.

Advertisement

-साथ में आयशा अलीम, मोना रामावत और तिथि सरकार

अचारी और जलफ्रेजी पिज्जाjalfrezi pizza
पूरी दुनिया में घूम लेने के बाद पंजाबी लोग अपनी असल पसंद तंदूरी चिकन पर लौट आते हैं. चंडीगढ़ के पिज्जा हट वाले चिकन टिक्का, जलफ्रेजी और कढ़ाई चिकन पिज्जा के जरिए मोटी कमाई कर रहे हैं. यहां पिज्‍जा के अचारी संस्करण में जालपीनो, स्वीट कॉर्न, रेड बेल पेपर और चीज डले हुए हैं. यहां अचार के स्वाद के चिकन पीस भी हैं.
कीमा डोसा
पचास साल पहले उत्तर-दक्षिण की खाई को पाटने के लिए यह इंडिया कॉफी हाउस का एक प्रयास था. मटन डोसा, यानी मसालेदार कीमा डोसा, दो माहौल के संगम से तैयार किया गया एक मजेदार चस्का है. बंगलुरु और चंडीगढ़ में इसके प्रति दीवानगी तेजी से बढ़ रही है. बंगलुरु के द एम्पायर, चंडीगढ़ के हॉट मिलियंस और पूरे देश के इंडिया कॉफी हाउसों में इस डोसे की बढ़ती मांग को देखकर आसानी से कहा जा सकता है कि उत्तर और दक्षिण का हेलमेल उम्दा है.

क्या आप जानते हैं?
समोसे के कई परदेसी भाई-बहन हैं. पश्चिम एशिया में फतायर, ट्रिनिडाड एवं टोबैगो में आलू पाई; पोलैंड में पीरोगी और स्पेन में एम्पानादा.

तंदूरी चिकन स्पिनैच रिकॉता बर्गर
रिकॉता चीज, तंदूरी चिकन के टुकड़े और पालक से भरे बर्गर को लच्छा प्याज (लाल प्याज की कतरन), लहसुन और मिर्च चुपड़ी फ्रेंच फ्राइज के साथ परोसा जाता है. इन सब चीजों को सबसे पहले एक साथ मिलाने वाले 25 वर्षीय शेफ अंशुमान कुमार कहते हैं, ''यह उन मेहमानों को खुश करने के लिए है, जिन्हें मसालेदार खाना बेहद पसंद है.'' हैदराबाद के आइटीसी काकतिया के डेक्कन पवेलियन के फ्यूजन भोजन के प्रशंसक अंशुमान अब चाइनीज बिरयानी के बारे में गहन विचार पर जुटे हुए हैं. इसमें कोई शुबहा नहीं कि टीसीएसआर बर्गर वास्तव में अंतरराष्ट्रीय स्नैक बनने की सभी काबिलियत रखता है.

Advertisement

चमोसा
ठेठ भारतीय कुरकुरे समोसे. इनमें मसले हुए आलू नहीं भरे हुए हैं बल्कि भरावन के तौर पर चिकन चाउमीन का इस्तेमाल किया गया है. अहमदाबाद की ग्वालिया स्वीट्स के 48 वर्षीय डायरेक्टर जय शर्मा का दावा है कि पांच साल पहले उन्होंने ही सबसे पहला चमोसा तला था. लेकिन स्ट्रीट फूड को लेकर कोई पेटेंट तो होता नहीं. तभी तो अहमदाबाद से लेकर लुधियाना तक, अमृतसर, चंडीगढ़, दिल्ली-चमोसा हर जगह हिट रहा है. तो क्या अब इसे चीन भेजा जाए?

दाबेलीDabeli
इमली, गुड़ एवं पुदीने की चटनी लगा हुआ और अनारदाना एवं मूंगफली के दानों के साथ पाव के बीच में रखा मसालेदार आलू कटलेट. इस बेहद लोकप्रिय स्ट्रीट फूड के बारे में माना जाता है कि इसका 'आविष्कार' 1960 में कच्छ की प्रमुख बंदरगाह नगरी मांडवी में हुआ. दाबेली का मतलब है 'दबाया हुआ.' यह मांडवी में कच्छी बर्गर, अमृतसर, लुधियाना और जालंधर में बन-टिक्की बर्गर और बाकी हर जगह महज देसी बर्गर है.

क्या आप जानते हैं
चंडीगढ़ के लोकप्रिय कैफे मोनिकाज में शुगर-फ्री जामुन जिलेटो सबसे ज्‍यादा बिकने वाला मॉनसून फ्लेवर है.

मसाला माफिया पास्ता
हरी मिर्च का तड़का लगी हुई और गरम मसालों से सराबोर पेन्ने, फ्यूजिली और स्पैगेटी. यह हैदराबाद के जलपान में 25 वर्षीय रेस्तरां व्यवसायी रौनक सिंह की खास पेशकश है. इस व्यंजन को सरसों, जीरा और साबुत हरी मिर्च से तैयार की गई चटनी के साथ परोसा जाता है. आम तौर पर साधारण स्वाद वाले पास्ता के मुकाबले खाने के शौकीनों को इसका देसी तड़का खूब भाता है. मगर ऐसी अफवाहें भी हैं कि इससे गॉडफादर बिल्कुल भी खुश नहीं हैं.

Advertisement

गोलगप्पे में वोदका
गोवा की फेनी पूरी या तड़क-भड़क वाली पंजाबी शादियों में वोदका अथवा टेकिला गटकने का बस एक साफ-सुथरा तरीका. यह वही पुराना, जाना-पहचाना पुचका, गोलगप्पा या पानी पूरी है लेकिन इसमें शराब भरी होती है. दिल्ली के रेस्तरां व्यवसायी अर्जुन पुरी ने इस विचार को विकसित किया है, ''हमने भारतीय मसालों के साथ वोदका की शादी रचाने की कला में महारत हासिल की.'' इसकी किस्में इन जगहों पर पाई जा सकती हैं: पंजाबी बाइ नेचर (दिल्ली); पार्क प्लाजा (लुधियाना), जीडब्ल्यू मेरियट (गोवा); और भव्य पंजाबी शादियों में.

खुबानी का क्रीम ब्रुलीCream Bully
दक्कनी नवाबों के मीठे को लेकर शौक को बिल्कुल नए सिरे से नए रंग-ढंग में पेश किया जा रहा है. हैदराबाद के जाने-पहचाने खुबानी (खुरमानी) के मीठे को पेरिस की शैली के ब्रुली या भुनी शक्कर की पपड़ी (केरामलाइज्‍ड शुगर क्रस्ट) के साथ पेश किया जा रहा है. हैदराबाद के द पार्क में उपलब्ध इस मीठे को नवाब साहब जरूर पसंद करते.

दाल पर भुनी हुई मछलीFish
कड़ाही में डालने से लेकर लकड़ी की आग के तंदूर में सेंकने तक चंडीगढ़ फ्यूजन फूड को नई हदों तक ले गया है. जरा इस पर विचार करें: उड़द की दाल और पनीर के पूड़े पर भुनी मछली यानी फिश अ ला लक्जर. ये लोग इतालवियों को अच्छे भोजन...नहीं, नहीं शानदार भोजन के बारे में एक-दो बातें तो सिखा ही सकते हैं. चंडीगढ़ के कैफे नोमैड में आप इसका स्वाद चख सकते हैं.

Advertisement
Advertisement