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Weight loss: 138 किलो के डॉक्टर ने 18 महीने में घटाया 56Kg वजन, बस अपनाई ये 3 आसान आदतें

मोटापा विशेषज्ञ डॉ. केविन जेंड्रू खुद 138 किलो के हो गए थे और डायबिटीज जैसी बीमारियों से जूझ रहे थे। लेकिन एक पारिवारिक संकट के बाद उन्होंने दृढ़ संकल्प लिया और बिना किसी जादुई दवा के, सिर्फ सही डाइट और इंटरमिटेंट फास्टिंग से 18 महीने में 56 किलो वजन घटाकर सबको हैरान कर दिया।

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रोजाना एक्सरसाइज करना चाहिए (PHOTO:ITG)
रोजाना एक्सरसाइज करना चाहिए (PHOTO:ITG)

Weight loss Journey: अक्सर कहा जाता है कि एक डॉक्टर दूसरों की जान बचाता है, लेकिन क्या हो जब एक डॉक्टर को खुद अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करना पड़े? यह कहानी है अमेरिका के बैरिएट्रिशियन  (Obesity Specialist) डॉ. केविन जेंड्रू की. डॉ. केविन दूसरों को वजन घटाने की सलाह देते थे, लेकिन भागदौड़ भरी जिंदगी और स्ट्रेस की वजह से उनका वजन 138 किलो हो गया था.

वर्कलोड और मोटापे का जाल

भारत के मिडिल क्लास वर्किंग लोगों की तरह डॉ. केविन भी 'स्ट्रेस ईटिंग' के शिकार थे. मेडिकल की पढ़ाई और हॉस्पिटल की लंबी शिफ्ट्स के कारण वे अक्सर चिप्स, बिस्कुट, मीठा और ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें खाते रहते थे. नतीजा यह हुआ कि महज 27 साल की उम्र में उन्हें टाइप-2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और फैटी लीवर जैसी बीमारियों ने घेर लिया. उनका कहना है कि उन्हें मरीजों को सलाह देते हुए शर्म आती थी, क्योंकि वह खुद उन बीमारियों से जूझ रहे थे जिनसे वो लोगों को बचने की सलाह देते थे.

बहन के कैंसर से बदली जिंदगी

डॉ. केविन की जिंदगी में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब उनकी बहन को कैंसर का पता चला. उस मुश्किल घड़ी ने उन्हें झकझोर कर रख दिया था, उन्हें अहसास हुआ कि अगर उन्हें अपनी बहन के बच्चों और परिवार का सहारा बनना है तो पहले खुद को हेल्दी करना होगा. यहीं से उनके 'सुपर फिट' बनने की जर्नी की शुरुआत हुई. 

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वजन घटाने के 3 सबसे असरदार तरीके

18 महीने की लगातार मेहनत के बाद डॉ. केविन ने 56 किलो वजन कम किया. अब उनका वजन 138 किलो से घटकर सिर्फ 82 किलो रह गया है और पूरी तरह फिट हैं. डॉ. केविन ने बताया कि उन्होंने वजन घटाने के लिए कोई जादुई दवा नहीं ली, बल्कि अपनी लाइफस्टाइल में तीन बड़े बदलाव किए थे. जो उनकी वेट लॉस जर्नी में उनके बहुत काम आई.

डाइट में सुधार: उन्होंने पैकेट बंद खाने और चीनी को पूरी तरह से छोड़ दिया. उन्होंने अपनी डाइट में प्रोटीन (चिकन, अंडे, मछली), हेल्दी फैट्स (नट्स, पनीर, जैतून का तेल) और हाई-फाइबर वाली सब्जियों को शामिल किया. उन्होंने 'माइंडफुल ईटिंग' अपनाई यानी पेट भरते ही खाना छोड़ देना, भले ही प्लेट में खाना बचा हो.

इंटरमिटेंट फास्टिंग: डॉक्टर ने 18:6 का नियम अपनाया, वे दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे के बीच ही खाना खाते थे. बाकी के 18 घंटे वे फास्टिंग करते थे. इससे उनके शरीर की इंसुलिन रेजिस्टेंस ठीक हुई और जमी हुई चर्बी तेजी से जलने लगी.

पैदल चलने की आदत: उन्होंने जिम में भारी वजन उठाने के बजाय पैदल चलने को अपना दोस्त बनाया. वे रोजाना 10,000 से 15,000 कदम चलते थे, जिससे उनकी डायबिटीज रिवर्स होने में मदद मिली.

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Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है. किसी भी स्वास्थ्य समस्या या डाइट में किसी भी बदलाव से पहले हमेशा अपने डॉक्टर, न्यूट्रिशनिस्ट या डायटीशियन से सलाह जरूर लें.

 

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