Fat to Fit Story: वजन कम करना और उसे मेंटेन करना आज के समय में बीमारियों से दूर रहने का सबसे अच्छा तरीका है. मुंबई की रहने वाली एक 42 साल की लेडी ने अपनी मेहनत और सही रूटीन के दम पर केवल 2 साल में अपना 36 किलो वजन कम किया और अब वह दूसरों को फिट बना रही हैं. एक समय ऐसा था जब उनका वजन 84 किलो तक पहुंच गया था और उनकी हाइट सिर्फ 4 फीट 8 इंच थी, जिससे उनका बीएमआई (BMI) काफी खराब हो गया था. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और आज वह खुद को पूरी तरह फिट कर चुकी हैं.
इस ट्रांसफॉर्मेशन के बाद उन्होंने अपनी 20 साल पुरानी आईटी की नौकरी छोड़ दी और अब वह दूसरों को फिट बनाने के लिए एक फुल-टाइम फिटनेस कोच के रूप में काम कर रही हैं.
डिलीवरी के बाद हो गया था 84 किलो वजन
याशी गुप्ता ने बताया कि 31 साल की उम्र में जब वह मां बनीं तो उनके शरीर में कई बड़े बदलाव आए. इस दौरान उनका वजन बढ़कर 84 किलो हो गया था. वजन बढ़ने के कारण वह हर समय थकी और परेशान रहती थीं. उनका लाइफस्टाइल पूरी तरह से खराब हो चुकी थी जिससे उनका कॉन्फिडेंस पूरी तरह खत्म हो गया था.
वह इतनी परेशान थीं कि अपनी बेटी के साथ जमीन पर बैठकर खेल भी नहीं पाती थीं. लोगों के तानों और गिरते आत्मविश्वास के कारण उन्होंने खुद को संभालना शुरू किया और फिटनेस के बारे में पढ़ना और समझना शुरू किया.
बिना किसी शॉर्टकट के ऐसे पाई टोन बॉडी
याशी ने अपनी इस वेट लॉस जर्नी में किसी भी तरह के क्रैश डाइट या शॉर्टकट ऑपशंस का इस्तेमाल नहीं किया. उन्होंने बताया कि यह बदलाव दो से तीन साल की लगातार मेहनत, अनुशासन और सही डाइट मैनेजमेंट का नतीजा है. वजन कम करने के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल चुकी है. जो महिला कभी सीढ़ियां चढ़ने में हांफती थी, वह आज 40 की उम्र पार करने के बाद भी आसानी से 100 पुश-अप्स और 10 पुल-अप्स कर लेती हैं. इसी बदलाव ने उन्हें जिंदगी का नया मकसद दिया और उन्होंने कॉर्पोरेट करियर को अलविदा कह दिया.
याशी की डाइट
याशी ने अपनी डाइट में प्रोटीन, कार्ब्स और फैट का एक बेहतरीन बैलेंस बनाकर इसे लंबे समय तक कंसिस्टेंसी के साथ फॉलो किया. उनके पूरे दिन का कंप्लीट डाइट प्लान इस प्रकार था:
ब्रेकफास्ट (सुबह का नाश्ता): वह सुबह के नाश्ते में 50 ग्राम ओट्स, 4 उबले अंडे (Egg Whites), 2 स्लाइस होल व्हीट ब्रेड, 200 ग्राम फल (जैसे केला या संतरा) और सेहतमंद फैट के लिए 50 ग्राम चुकंदर के साथ थोड़ा सा घी या तेल लेती थीं.
लंच (दोपहर का खाना): दोपहर के भोजन में वह मैक्रो-न्यूट्रिएंट्स का पूरा ध्यान रखती थीं, जिसमें 60 ग्राम चावल, प्रोटीन के लिए 50 ग्राम दाल, छोले या राजमा, 150 ग्राम दही, फाइबर के लिए खीरे-टमाटर का भरपूर सलाद और खाना पकाने के लिए 5 मिलीलीटर तेल या घी शामिल था.
शाम का स्नैक्स: शाम के समय बॉडी रिकवरी और प्रोटीन की जरूरत को पूरा करने के लिए वह एक स्कूप व्हे प्रोटीन (Whey Protein) और 50 मिलीलीटर गाय का दूध लेती थीं.
डिनर (रात का खाना): रात का खाना वह काफी हल्का और प्रोटीन से भरपूर रखती थीं. डिनर में वह 35 ग्राम सोया चंक्स (Soy Chunks) और ढेर सारी हरी सब्जियों का सेवन करती थीं.