
Homemade Turmeric Soap For Skin: सोशल मीडिया पर अक्सर ही कोई ना कोई ब्यूटी ट्रेंड देखने को मिलता है, जिसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि हर कोई ग्लोइंग स्किन चाहता है. बढ़ती उम्र के निशान हमारी स्किन पर भी दिखने लगते हैं, स्किन ड्राई होने के साथ-साथ लटकने भी लगती है. दाग-धब्बे और पिंपल्स से छुटकारा पाने के लिए लोग महंगे ब्यूटी ट्रीटमेंट और प्रोडक्ट अपने चेहरे पर लगाते हैं, लेकिन यह लंबे समय के लिए फायदेमंद नहीं होते हैं.
इस बीच सोशल मीडिया पर गोल्डन ग्लो के लिए हल्दी वाले साबुन को मुहांसों और स्किन से जुड़ी समस्याओं में आराम देने के लिए बेस्ट बताने वाले पोस्ट काफी वायरल हो रहे हैं. हल्दी को उसके औषधिय गुणों के लिए स्किन के लिए बहुत लाभकारी माना जाता है, हल्दी में एंटी बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों मौजूद होते हैं. जानते हैं कि हल्दी साबुन लगाने से चेहरे पर क्या असर होता है और किन लोगों को इसे लगाने से परहेज करना चाहिए.
द एस्थेटिक क्लीनिक्स की कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजिस्ट, कॉस्मेटिक स्किन एक्सपर्ट डर्माटो-सर्जन डॉ. रिंकी कपूर ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में हल्दी वाले साबुन के बारे में बताया. उनका कहना है कि यह बात सभी जानते हैं कि हल्दी में भरपूर मात्रा में करक्यूमिन मौजूद होता है, जो एक तरह का पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट है.
माना जाता है कि करक्यूमिन रेडनेस और पिंपल्स को दूर करने और स्किन कलर को जैसा बनाने में मदद करता है और इससे स्किन को फ्रेश और ग्लोइंग भी लगती है. हल्दी फ्लेवर के साबुन वैसे तो बाजार में भी मिलते हैं, लेकिन आप चाहे तो इसे अपने घर पर भी आसानी से बना सकते हैं और घरेलू चीजों से मिलाकर बना साबुन आपकी स्किन पर कोई खास नुकसान भी नहीं करेगा.
अगर आप घर पर हल्दी का साबुन बनाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको हल्दी पाउडर, एसेंशियल ऑयल, साबुन का बेस और साबुन का मोल्ड लेना होगा. इसके बाद आपको हल्दी पाउडर और एसेंशियल ऑयल को मिलाने के बाद मोल्ड में डालकर पूरे 24 घंटे के लिए रख दीजिए. उसके बाद मोल्ड से साबुन को निकाल लें और रोजाना इसका इस्तेमाल करें.

हल्दी का साबुन स्किन के लिए बहुत फायदेमंद होता है, लेकिन यह हर किसी के लिए सही नहीं है. इससे कुछ लोगों को स्किन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं. डॉ. कपूर के अनुसार, सेंसिटिव स्किन, हल्दी से एलर्जी या कुछ स्किन से जुड़ी समस्याओं वाले लोगों को हल्दी का साबुन लगाने से स्किन पर जलन महसूस हो सकती है. इसलिए डर्मेटाइटिस, सोरायसिस या रोसैसिया के मरीजों को इस साबुन का इस्तेमाल से परहेज करना चाहिए. अगर आप पहली बार हल्दी साबुन लगा रहे हैं तो सबसे पहले अपने हाथ पर पैच टेस्ट करके जरूर देखें.