आपने अक्सर देखा होगा कि खाना खाने के बाद वॉक करने की सलाह दी जाती है. कुछ लोग तो सलाह को फॉलो करते हैं लेकिन अधिकतर लोग खाना खाने के बाद बिस्तर पर जाकर सोना पसंद करते हैं या फिर सोफा-कुर्सी पर बैठकर टीवी देखने लगते हैं जो कि काफी गलत होता है. जवान बने रहने के लिए अपने ऊपर हर साल 17 करोड़ से अधिक खर्च करने वाले बायोहैकर और अरबपति ब्रायन जॉनसन ने सोशल मीडिया पर बताया है कि सिर्फ 10 मिनट की पोस्ट–मील वॉक से शरीर को काफी फायदे हो सकते हैं. एंटी–एजिंग रूटीन और ‘ब्लूप्रिंट’ प्रोटोकॉल के लिए पहचान बनाने वाले जॉनसन का दावा है कि यह छोटी सी आदत मेटाबॉलिक हेल्थ के लिए काफी अच्छी होती है. तो आइए खाना खाने के बाद वॉक करने के फायदे जानते हैं.
ब्लड ग्लूकोज होगा कम
ब्रायन जॉनसन ने पहला फायदा बताते हुए कहा कि खाना-खाने के बाद वॉक करने से ब्लड ग्लूकोज 17 प्रतिशत तक कम हो सकता है.
Nature Report के मुताबिक, खाना खाने के तुरंत बाद वॉक करने से ब्लड ग्लूकोज कम होने लगता है. एक ट्रायल में 10 मिनट की वॉक के बाद औसत और पीक ग्लूकोज, बिना वॉक वाले दिन की तुलना में काफी कम हुआ था. यानी यदि कोई खाने के बाद वॉक करता है तो उसका शरीर ग्लूकोज को मसल्स में तेजी से खींच लेता है और शुगर नहीं बढ़ती.
Healthline के मुताबिक, टाइप 2 डायबिटीज़ वाले मरीजों में 10-10 मिनट की पोस्ट–मील वॉक, दिन में एक बार 30 मिनट चलने से भी बेहतर ग्लूकोज कंट्रोल होता है.
ट्राइग्लिसराइड्स होगा कम
रिपोर्ट सीमित लेकिन दिलचस्प रिसर्च बताती है कि छोटी-छोटी वॉक्स खाने के बाद बढ़ने वाले ट्राइग्लिसराइड्स को नीचे ला सकती हैं. एक अन्य स्टडी में इनएक्टिव बुज़ुर्ग महिलाओं में दिन में कई बार की शॉर्ट वॉक से पोस्ट–मील ट्राइग्लिसराइड लेवल्स कम हुए थे जो हार्ट अटैक और स्ट्रोक के रिस्क को घटाने में मददगार फैक्टर माने जाते हैं.
डाइजेशन बेहतर होगा
Frisbiehospital की रिपोर्ट के मुताबिक, खाने के बाद वॉक करने से पेट और आंतों की मूवमेंट बढ़ते हैं जिससे खाना आगे बढ़ता है और ब्लोटिंग या भारीपन कम हो सकता है. क्लिनिकल रिव्यू बताते हैं कि वॉकिंग से गैस्ट्रिक एम्प्टिंग थोड़ा तेज हो सकता है जिससे एसिडिटी, पेट फूलना जैसी स्थितियों में राहत मिलती है.
ब्लड प्रेशर कम होगा
मल्टीपल स्टडीज बताती हैं कि दिन में 3 बार 10–10 मिनट वॉक करने से वयस्क या हाई बीपी वाले लोगों में, ब्लड प्रेशर में हल्की लेकिन क्लिनिकली मीनिंगफुल गिरावट आ सकती है. कुछ रिसर्च में कई हफ्तों तक शॉर्ट वॉक करने पर सिस्टोलिक और डायस्टोलिक बीपी में लगभग 5 mmHg तक की कमी देखी गई है जो हृदय रोग के रिस्क को कम करने के लिए अच्छा होता है.
नींद और स्ट्रेस पर असर
कुछ ऑब्ज़र्वेशनल डेटा बताता है कि जो लोग डिनर के बाद हल्की वॉक करते हैं, वे कम बेचैनी और बेहतर मूड रिपोर्ट करते हैं, जो इंडायरेक्टली नींद सुधारता है. डायरेक्ट स्टडीज कम हैं लेकिन कुल मिलाकर रोज वॉक करने से स्लीप क्वालिटी बेहतर होने और सोने में लगने वाला समय कम हो जाता है और नींद अधिक बेहतर होती है.