बारिश का मौसम आ चुका है. इस मौसम में नमी के कारण बालों पर भी काफी गलत असर होता है. नमी के कारण बाल अक्सर गीले बने रहते हैं और आपस में चिपक जाते हैं. इस कारण से कई लोगों के ज्यादा बाल झड़ने लगते हैं या फिर उन्हें बाल से जुड़ीं समस्याएं होने लगती हैं. यही कारण है कि एक्सपर्ट मौसम के बदलाव के दौरान बालों की अधिक देखभाल करने की सलाह देते हैं. अधिकतर लोग बाल झड़ने और टूटने से रोकने के लिए इंटरनेट पर सर्च करते हैं और वहां बताए हुए तरीकों को अपनाने लगते हैं. लेकिन हमारा मानना है कि सबसे पहले बाल झड़ने का कारण जानना चाहिए. अगर बाल झड़ने का कारण पता होगा तो आप उसके इलाज कर सकते हैं लेकिन अगर कारण ही नहीं पता होगा को आपको समझ ही नहीं आएगा कि बाल क्यों झड़ रहे हैं.
कुछ लोगों के हमेशा बाल झड़ते हैं तो कुछ लोगों के निश्चित मौसम आने पर. लेकिन क्या आप जानते हैं साल भर में सबसे अधिक बाल किस मौसम में झड़ते हैं? शायद नहीं जानते होंगे. लेकिन हाल ही में एक्सपर्ट ने बताया कि साल के कौन से महीने में सबसे अधिक बाल झड़ते हैं.
इस महीने झड़ते हैं बाल
Express.co.uk के मुताबिक, एक एक्सपर्ट ने चेतावनी दी है कि सितंबर के महीने में सबसे अधिक सीजनेबल हेयर फॉल होता है. इसका कारण शरद ऋतु के तापमान में गिरावट और तनाव को इसका जिम्मेदार माना जाता है. एक्सपर्ट का कहना है कि सितंबर में सबसे अधिक हेयर फॉल होता है और जनवरी आते-आते बालों का झड़ना धीरे-धीरे कम हो जाता है. इसके बाद अगर आप सही डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव करते हैं तो गिरे हुए बाल वापस आ सकते हैं.
40 से अधिक इंडस्ट्रीज में काम कर चुके और यूके के फेमस हेयर सलून के ऑनर मार्क ब्लैक के मुताबिक, सितंबर को बालों के झड़ने के लिए सबसे खराब महीना माना जाता है क्योंकि इस महीने तापमान में काफी बदलाव आते हैं. लेकिन उसके बाद अक्टूबर से बालों का गिरना कम होता जाता है और जनवरी तक हेयर फॉल रुक जाता है.
मार्क ब्लैक ने कहा, "तनाव न केवल शरीर के लिए काफी खतरनाक होता है बल्कि यह बालों के लिए काफी खतरनाक होता है. तनाव शरीर के एड्रेनालाईन और कोर्टिसोल हार्मोन के उत्पादन को बढ़ाता है जिससे बालों की नेचुरल ग्रोथ प्रोसेस बिगड़ जाती है और बाल अधिक झड़ने लगते हैं.
हेयरकेयर ब्रांड Nioxin द्वारा 2000 वयस्कों पर रिसर्च की गई जिसमें पाया गया था कि दस में से छह वयस्कों के बाल झड़ गए थे. मार्क ब्लैक ने सुझाव दिया सूरज के संपर्क में आने से बालों का टूटना आमतौर पर रोका जा सकता है. लेकिन साथ ही साथ बैलेंस डाइट की भी जरूरत होती है.
वनपोल की रिसर्च के अनुसार, तनाव लेने से बाल झड़ते हैं. अगर किसी की उम्र 34 साल हो गई है तो उसके बाल पतले होने लगते हैं. बालों के पतले होने के बाद 41 प्रतिशत लोग बालों को छुपाने की कोशिश करते हैं ताकि लोग उनका मजाक ना बनाएं. बालों को छिपाने के लिए वे टोपी या अन्य चीजों का उपयोग करते हैं. एक्सपर्ट का मानना है कि जीवन की कुछ घटनाएं ऐसी होती हैं जो बालों के झड़ने का कारण बन सकती हैं और इसके लिए बालों के झड़ने के पीछे के साइंस के बारे में जानना जरूरी है.
ऐसी डाइट भी हो सकती है बाल झड़ने का कारण
नेचर जर्नल में पब्लिश एक आर्टिकल के मुताबिक, हेयर फॉल में जेनेटिक, साइकोलॉजी और लाइफस्टाइल काफी अहम भूमिका निभाते हैं. अधिक जानकारी के लिए टोक्यो मेडिकल एंड डेंटल यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने चूहों पर रिसर्च की और यह जानने की कोशिश की कि हाई फैट डाइट बालों के झड़ने और पतले होने को कैसे प्रभावित करती है.
रिसर्चर्स ने पाया कि हाई फैट डाइट और मोटापे वाले लोगों के बालों के रोम स्टेम सेल (HFSCs) में कमी आ जाती है, जिससे बालों की ग्रोथ रुक जाती है. इससे बाल फिर से नहीं उगते या फिर बालों के रोम को काफी नुकसान होता है. आम तौर पर HFSCs वह प्रक्रिया है जिसमें हमारे बाल लगातार बढ़ते रहते हैं. इसके अलावा डाइट में विटामिन बी, विटामिन ई, विटामिन सी, विटामिन ए , प्रोटीन और आयरन वाले फूड्स का सेवन करें.
(Disclaimer: यह जानकारी रिपोर्ट के आधार पर है. हम यहां कोई भी दावा नहीं कर रहे हैं. अगर आपके भी बाल झड़ रहे हैं तो डॉक्टर से संपर्क करें. वह सही ट्रीटमेंट बता पाएंगे.)