अभी अप्रैल का आखिरी दौर चल रहा है और गर्मी ने लोगों की हालत बेहाल कर दी है. कई प्रदेशों में टेम्परेचर 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच चुका है, जबकि दिल्ली-एनसीआर में भी पारा लगातार 40 डिग्री के आसपास बना हुआ है. दोपहर में बाहर निकलना ऐसा लगता है जैसे आग के थपेड़े सीधे चेहरे पर पड़ रहे हों. गर्म हवा, तेज धूप और उमस एक साथ बॉडी की सारी एनर्जी खींच लेते हैं.
लेकिन असली समस्या तब बढ़ती है जब इस बाहरी गर्मी का असर शरीर के अंदर भी दिखने लगता है. थकान, चिड़चिड़ापन, पेट में जलन, एसिडिटी और भूख न लगने जैसी समस्याएं होने लगती हैं. यह सभी बॉडी टेम्परेचर के बिगड़ने का संकेत होते हैं, ऐसे में सबसे बड़ी गलती जो हम करते हैं, वो है अपने खाने में ज्यादा मसालेदार और तला-भुना खाना जारी रखना. यही सारी आदतें गर्मी में सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती है.
गर्मियों में कुछ मसाले ऐसे होते हैं जो शरीर का तापमान बढ़ाने का काम करते हैं. इनको अधिक मात्रा में खाने से पेट और डाइजेस्टिव पर बुरा असर पड़ता है. इसलिए समर सीजन में तुरंत इन सभी मसालों को खाना बंद कर देना चाहिए, वरना समस्या बढ़ सकती है.
जहां यह सभी मसाले सर्दियों में फायदेमंद होते हैं, मगर गर्मियों में इनकी मात्रा कम रखना जरूरी है. अगर आप इनको अधिक मात्रा में खाते हैं तो गर्मी के मौसम में पेट से जुड़ी समस्याएं आपको घेर सकती हैं.
ज्यादा मसालेदार खाना डाइजेस्टिव सिस्टम को इफेक्ट करते हैं, जिससे एसिडिटी, गैस और जलन की समस्या बढ़ जाती है. गर्मी में शरीर पहले से ही डिहाइड्रेशन की स्थिति में होता है, ऐसे में मसाले इसे और बिगाड़ देते हैं. इससे पेट भारी रहता है और भूख भी कम लगती है.
इस मौसम में हल्का और सादा खाना जैसे खिचड़ी, दाल चावल ही खाना सबसे अच्छा रहता है. दाल-चावल, खिचड़ी, हरी सब्जियां, दही और छाछ को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें. ये सारी चीजें शरीर को अंदर से ठंडक देती हैं और पाचन को भी आसान बनाती हैं.
भीषण गर्मी में खुद को हेल्दी रखने के लिए जरूरी है कि आप अपने खाने से गर्म तासीर वाले मसालों को कम करें. सही खानपान अपनाकर आप ना सिर्फ शरीर को ठंडा रख सकते हैं, बल्कि पेट से जुड़ी समस्याओं से भी बच सकते हैं.