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टुंडे कबाब... कमजोर दांत वाले नवाब के लिए बनी थी ये लखनवी डिश, ऐसे हुआ था 'गलौटी' कबाब का आविष्कार

लखनऊ के मशहूर टुंडे कबाब (Tunday Kabab) का इतिहास नवाब आसफ-उद-दौला के कबाब प्रेम और हाजी मुराद अली से जुड़ा है. गिरते दांतों की वजह से नवाब के लिए बनाए गए ये कबाब आज अपनी सॉफ्टनेस और 160 सीक्रेट मसालों की वजह से पूरी दुनिया में मशहूर हैं.

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टुंडे कबाब लखनऊ के साथ भारत में फेमस हैं. (Photo: AI Generated)
टुंडे कबाब लखनऊ के साथ भारत में फेमस हैं. (Photo: AI Generated)

Lucknow Famous Tunday Kabab: नवाबों के शहर लखनऊ की गलियों की एक डिश काफी फेमस है जिसे दुनिया भर में 'टुंडे कबाब' के नाम से जाना जाता है. लखनऊ से ही ये डिश पूरे देश और विदेश में फैली और अब ये किसी शाही रेस्टोरेंट, फाइव स्टाइल होटल की पहचान है. दरअसल, लखनऊ के नवाब आसफ-उद-दौला को कबाब बेहद पसंद थे और उनकी एक मजबूरी के कारण ही टुंडे कबाब बनाए गए थे. तो आइए इस खास डिश के पीछे की हिस्ट्री क्या है और ये कैसे बनाया गया था, इस बारे में जान लीजिए.

ऐसे बने टुंडे कबाब

लखनऊ के नवाब आसफ-उद-दौला खाने के काफी शौकीन थे. उन्हें नॉनवेज खाना काफी पसंद था इसलिए वे नॉनवेज कबाब खाया करते थे. जब उम्र बढ़ने के साथ उनके दांत कमजोर हो गए और गिरने लगे तो भी कबाब के प्रति उनकी दीवानगी कम नहीं हुई. उन्होंने एलान करवाया कि जो रसोइया ऐसा कबाब बनाएगा जिसे चबाने की जरूरत न पड़े, उसे शाही इनाम दिया जाएगा.

इस चुनौती को हाजी मुराद अली ने स्वीकार किया. मुराद अली का एक हाथ एक हादसे में कट गया था, जिसकी वजह से उन्हें 'टुंडा' कहा जाता था. उन्होंने करीब 160 मसालों के मिश्रण से एक ऐसा कबाब तैयार किया जो नवाब के मुंह में रखते ही घुल गया. नवाब इतने खुश हुए कि उन्होंने इसे शाही संरक्षण दिया और इस तरह 'टुंडे कबाब' का नाम इतिहास में दर्ज हो गया.

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160 मसालों का जादुई मिश्रण

टुंडे कबाब की सबसे बड़ी खासियत इसके मसाले हैं. शेफ और फूड हिस्टोरियन मानते हैं कि इस रेसिपी को आज भी बेहद गोपनीय रखा गया है. कहा जाता है कि इन कबाबों में चंदन, केसर और कई दुर्लभ जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल होता है. रिपोर्ट के मुताबिक, आज भी हाजी मुराद अली के परिवार की पांचवीं पीढ़ी इन मसालों को खुद तैयार करती है ताकि स्वाद वैसा ही रहे.

चौक की गलियों से मिली वैश्विक पहचान

आज लखनऊ के चौक इलाके में स्थित टुंडे कबाब की दुकान पर सुबह से रात तक भीड़ लगी रहती है. यह सिर्फ एक डिश नहीं, बल्कि स्वाद की पहचान बन चुकी है. बड़े-बड़े सेलिब्रिटी और विदेशी पर्यटक भी लखनऊ आकर इस जायके का लुत्फ उठाना नहीं भूलते. इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुनिया के बेहतरीन लेजेंडरी रेस्टोरेंट्स की लिस्ट में भी इसका नाम अक्सर शामिल रहता है.

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