Red Rice Kheer: सफेद चावलों की खीर तो आपने बहुत खाई होगी, लेकिन क्या आपने कभी लाल चावल की खीर खाई है. यह खीर बहुत स्वादिष्ट होती है, इसलिए जब अगली बार आप खीर बनाएं, तो लाल चावलों की खीर बना सकते हैं. उत्तराखंड में खातौर पर लाल चावलों की खीर बनाई जाती है, लाल चावलों को लाल भात भी कहा जाता है, आमतौर पर वहां पर इन्ही को खाया जाता है. यह ना सिर्फ पारंपरिक बल्कि ऑर्गेनिक उत्पाद है, इस चावल की खीर डायबिटीज और दिल के बीमारी के मरीज भी खा सकते हैं.
लाल चावल मुख्यतौर पर उत्तरकाशी, चमोली और कुमाऊं के उच्च पहाड़ी इलाकों में उगाया जाता है, इस लाल चावल में फाइबर, आयरन, जिंक और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाया जाता है और 5 हजार फीट की ऊंचाई पर उगाए जाने वाला यह चावल हार्ट हेल्थ और शुगर के मरीजों के लिए फायदेमंद होता है.
लाल चावलों की खीर लाल नहीं बल्कि हल्के गुलाबी रंग की बनती है, इसलिए अगर आप इस वैलेंटाइन डे पर अपने पार्टनर को कुछ मीठा खिलाने के बारे में सोच रही थीं, तो लाल चावलों की गुलाबी खीर एकदम परफेक्ट है. वैलेंटाइन डे के मौके पर अक्सर कपल्स लाल रंग के कपड़े और डेकोरेशन करते हैं, इतना ही नहीं अधिकतर रेड वेलवेट केक भी मंगवाते हैं, लेकिन इस बार आप अपने पार्टनर को अपने हाथ से बनाकर यह गुलाबी खीर खिला सकते हैं. जैसे ही लाल चावलों को दूध में डाला जाता है तो थोड़ी देर पकने के बाद खीर का रंग गुलाबी होने लगता है.
खीर बनाने के लिए इंग्रेडिएंट्स
एक बड़े बर्तन में दूध को उबालने के लिए रख दीजिए.
उसमें 1 कप लाल चावल डाल दीजिए और इसे धीमी आंच पर अच्छी तरह से पकने दें.
जब चावल और दूध गाढ़ा हो जाएं तो इसमें शहद या गुड़ डालें.
आखिर में खीर में मेवे डालकर सभी को खाने के लिए परोसें.
लाल चावलों का स्वाद मेवेदार होता है और इसलिए इन चावलों की खीर खाने में लाजवाब लगती है, इसके साथ ही ठंड में इस खीर को खाने से शरीर को गर्माहट के साथ एनर्जी भी मिलती है.