Pahadi Raita: गर्मियों में रायता ही खाने के स्वाद को बढ़ाता है और इसके साथ ही वो हमारे पेट को भी ठंडक देता है. हर रायते को बनाने का तरीका अलग होता है और हर रायता का टेस्ट भी एक-दूसरे से अलग ही होता है. यूपी स्टाइल सन्नाटा रायता के बारे में तो आपने सुना होगा और खाया भी होगा, लेकिन क्या आपने कभी पहाड़ी रायता खाया है. उत्तराखंड के कुमाऊं इलाके में रायता एक खास तरीके से बनाया जाता है और उसका टेस्ट भी काफी लाजवाब होता है.
जो लोग घूमने के शौकीन हैं और पहाड़ी इलाको में जाते हैं तो उन्होंने यह रायता जरूर चखा होगा. उत्तराखंड के हर ढाबे और होटल में आपको पहाड़ी रायता खाने को जरूर मिलता है, जिसे खासतौर पर पहाड़ी खीरे से बनाया जाता है. इस रायते को बनाने में ज्यादा मेहनत नहीं लगती है और इसका स्वाद बोरिंग सब्जी को भी मजेदार बना देता है.
इंग्रेडिएंट्स
इस तरीके से बनाएं पहाड़ी रायता
पहाड़ी रायता में चटनी डाली जाती है, जो इसके स्वाद को बाकियों से अलग बनाता है. हरे नमक को बनाने के लिए पहले धनिया,पुनिया, हरी मिर्च, लहसुन, अदरक और राई को मिक्सी में पीस लें.
खीरे को छील लें और साफ पानी से धोने के बाद उसे कद्दूकस कर लीजिए. दही को अच्छी तरह से फेंटकर खीरे में डालें और मिला दीजिए.
दही और खीरे पर हरी चटनी डालें और मिला दीजिए. आखिर में आप स्वादनुसार नमक डालें और थोड़ी देर इसे आप चाहे तो ठंडा करने के लिए रख दीजिए और फिर सर्व करें.
पहाड़ी रायता काफी टेस्टी होता है और इस रायते को आप रोटी, पराठा, दाल-चावल, सब्जी के साथ खा सकते हैं. वैसे अगर आप रामनगर से आगे मरचूला साइड गए हैं तो आपने वहां का फेमस छोले के साथ पहाड़ी रायता जरूर खाया होगा, जो अधिकतर पहाड़ियों का फेवरेट होता है.
पहाड़ी रायते में तड़के की भी जरूरत नहीं होता है और उसके बिना भी वो काफी टेस्टी बनता है और हर डिश के साथ खाने में अच्छा भी लगता है. इस रायते से पेट को ठंडक भी मिलती है और इसलिए यह गर्मी में सबसे ज्यादा लोग खाना पसंद करते हैं.