ईरान-इजरायल के बीच छिड़ी जंग के कारण इन दिनों पूरे भारत में एलपीजी का सकंट देखने को मिल रहा है. एलपीजी सिलेंडर लेने के लिए लोगों को लंबी-लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ा रहा है. ऐसे में गैस सिलेंडर की कमी ने लोगों को तेजी से इंडक्शन चूल्हे की तरफ मोड़ दिया है. हालात ऐसे हैं कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर इंडक्शन स्टोव तेजी से बिक रहे हैं. लेकिन जैसे ही लोग इसे इस्तेमाल करना शुरू करते हैं, सबसे बड़ी दिक्कत सामने आती है कि उनका हर बर्तन इंडक्शन स्टोव पर काम नहीं करता है.
दरअसल, इंडक्शन पर इस्तेमाल होने के लिए खास तरह के बर्तन आते हैं. अब ये खास तरह के बर्तन खरीदपाना बहुत से लोगों के मुश्किल होता है. ऐसे में सवाल ये उठता है कि क्या हर बार नए बर्तन खरीदना जरूरी है? तो इसका जवाब है, नहीं. आप एक आसान से जुगाड़ से अपने पुराने बर्तनों को भी इंडक्शन पर इस्तेमाल कर सकते हैं. इसका मतलब है कि इस ट्रिक की मदद से आप घर में रखे किसी भी बर्तन को इंडक्शन फ्रेंडली बना सकते हैं.
कैसे काम करता है इंडक्शन चूल्हा और इसकी सबसे बड़ी परेशानी क्या है?
ये बात समझना बहुत जरूरी है कि इंडक्शन चूल्हा आपके नॉर्मल गैस स्टोव की तरह काम नहीं करता है. इसमें गैस स्टोव की तरह आप आग नहीं जला सकते हैं, ये बिजली और मैग्नेटिक फील्ड से काम करता है.
इसके अंदर एक कॉयल होती है, जो बिजली मिलने पर चुंबकीय फील्ड (मैगनेटिक फील्ड) बनाती है. जब आप इस पर स्टील या लोहे का बर्तन रखते हैं, तो उसमें करंट पैदा होता है और बर्तन खुद ही गर्म होने लगता है. इसी वजह से खाना जल्दी बनता है. इस पर स्टील और कास्ट आयरन के बर्तन तो ठीक से काम करते हैं, लेकिन एल्युमीनियम, तांबा या मिट्टी के बर्तन से आप इस पर खाना नहीं पका सकते हैं.
इस जुगाड़ से पुराने बर्तन भी करेंगे इंडक्शन पर काम
अगर आप नए बर्तन खरीदने से बचना चाहते हैं और अपने घर में रखे पुराने बर्तनों को ही इंडक्शन पर इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो एक सिंपल ट्रिक काम आ सकती है. इस ट्रिक के लिए आपको बस एक पतली लोहे की जाली की जरूरत होगी.
इस तरह बिना ज्यादा खर्च किए आप अपने पुराने बर्तनों में ही इंडक्शन पर खाना पका सकते हैं.
इन बातों का रखना होगा ध्यान