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First Aid Day 2019: बच्चों को जरूर सिखाएं फर्स्ट एड के ये 5 बेसिक टिप्स

फर्स्ट एड की बेसिक जानकारी बच्चों को देना बहुत जरुरी है. इग्लैंड के स्कूलों में तो जल्द ही फर्स्ट एड को लेकर कोर्स शुरु करने की तैयारी है.

प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

हर साल सितंबर महीने के दूसरे शनिवार को इंटरनेशनल फर्स्ट एड डे मनाया जाता है. फर्स्ट एड डे के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए दुनियाभर में कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. इसका मकसद लोगों को जानकारी देना है कि घटनाओं, एक्सीडेंट और इमरजेंसी की हालत से किस तरह से निपटा जाए. फर्स्ट एड की बेसिक जानकारी बच्चों को देना बहुत जरुरी है. इग्लैंड के स्कूलों में तो जल्द ही फर्स्ट एड को लेकर कोर्स शुरु करने की तैयारी है. आप भी अपने बच्चों को फर्स्ट एड से जुड़ी ये जानकारी दे सकते हैं.

1. सांस न आने की स्थिति में

अगर कोई आपके सामने अचेत अवस्था में पड़ा हो और बार-बार बुलाने या हाथ हिलाने पर भी जवाब न दे तो उसे तुरंत जमीन पर पीठ के बल लेटा दें. चेक करें कि उसकी सांसे चल रहीं है या नहीं. सिर पीछे कर सीने पर दबाव डालकर तेजी से रगड़ें. अगर फिर भी व्यक्ति की सांस ना आए तो इमरजेंसी नंबर पर कॉल करने की जानकारी जरूर दें.

2. सांस आ रही हो लेकिन कुछ रिस्पॉन्स न आए

अगर किसी की सांस तो चल रही हो लेकिन वो फिर भी कोई प्रतिक्रिया न दे तो पहले उन्हें आराम से बैठाएं. फिर सिर पीछे की तरफ कर दें. इससे उन्हें सांस लेने में आसानी होगी.

3. ज्यादा खून बहने पर

जिस जगह से खून बह रहा हो उसे रोकने की कोशिश करें. किसी कपड़े को चोट की जगह लगाकर उसे दबाएं और खून रोकने की कोशिश करें. कोशिश करें कि कोई ठंडी चीज उनके जख्म पर लगाएं. इससे खून बंद हो जाएगा.

4. सिर पर चोट लगी हो तो

सिर पर चोट लगना जानलेवा भी हो सकता है. सिर पर चोट आने की स्थिति में चोट पर ठंडी चीज लगाएं. आप चाहें तो तौलिए में ठंडी हरी पत्तेदार सब्जियां बांधकर उसे चोट की जगह लगा सकते हैं. इससे सूजन कम होगी.

5. दम घुटने पर

सीने या गर्दन में जकड़न होने से कभी-कभी दम घुटने की शिकायत होने लगती है. ऐसे में सांस लेने या खांसने में दिक्कत होती है. इस स्थिति में मरीज की पीठ को रगड़ें और थोड़ा थपथपाएं. इससे उन्हें सांस लेने में थोड़ी आसानी होगी.

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