भारतीय रसोई में मौजूद कई चीजें खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद होती हैं. उन्हीं में से एक है त्रिपुरा की मशहूर डिश मेली-अमेली (Melye-amiley). मेली-अमेली को बांस के कोपल से बनाया जाता है. हाल ही में हुए एक रिसर्च से पता चला है कि इस डिश को खाने से वजन कम होता है. साथ ही यह मेटाबॉलिज्म को भी मजबूत बनाता है.
इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडी इन साइंस एंड टेक्नोलॉजी (IASST) में प्रो. मोजिबुर आर. खान और उनकी टीम द्वारा यह रिसर्च की गई थी. इस रिसर्च ने यह बात साबित कर दिया है कि भारतीय ट्रेडिशनल खाना न सिर्फ स्वाद में टेस्टी होता है, बल्कि यह सेहत के लिए भी वरदान है.
मेली-अमेली क्या है?
मेली-अमोली त्रिपुरा का पारंपरिक खाना है. इसे बांस के कोपलों को फर्मेंट करके बनाया जाता है. बांस के कोपलों से बना यह डिश टेस्टी होने के साथ-साथ हेल्दी भी होता है. एक्सपर्ट का कहना है कि मेले-अमेली में कैलोरी कम होती है और फाइबर ज्यादा होता है. जिससे लंबे समय तक पेट भरा महसूस होता है और भूख कम लगता है. मेली-अमोली को बास की कोपल को फर्मेंट कर बनाया जाता है. फर्मेंटेशन के दौरान बांस के कोपल को बायोएक्टिव कंपाउंड से आवश्यक पोषक तत्व मिलता है. जो इसे पोषक तत्वों से भरपूर भोजन बनाता है और यह मेटाबॉलिज्म को भी हेल्दी रखता है.
मेली-अमेली वजन कम करने में कैसे मदद करता है?
IASST में हुए रिसर्च में मेली-अमेली में कई ऐसे तत्व की पहचान की गई जिससे पता चलता है कि मेली-अमेली वजन कंट्रोल करने में मदद करता है.
1. यह HSL, LPL, and Agtl जैसे फैट- ब्रेकिंग जीन को बढ़ाकर इंट्रासेल्युलर लिपिड एक्युमुलेशन को कम करता है.
2. यह फैट्स को एनर्जी में बदलने में मदद करता है. जिससे चर्बी कम होती है.
इस तरह से मेली-अमेली वजन कम करने और मेटाबॉलिज्म को हेल्दी बनाए रखने में मदद करता है.
मेली-अमेली (Melye-amiley) खाने के अन्य फायदे:
1.मेली-अमेली प्रोबायोटिक्स से भरपूर होता है. यह पाचन तंत्र मजूबत बनाता है.
2.इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है.
3.इसमें पाया जाने वाला बायोएक्टिव कंपाउंड सूजन को कम करने का काम करता है.
4.मेली-अमेली में पाए जाने वाले प्रोबायोटिक्स इम्यूनिटी को बूस्ट करता है. जिससे शरीर बीमारियों से दूर रहता है.