Simple Eating Habits: बिगड़ते लाइफस्टाइल, फिजिकल एक्टिविटी की कमी के कारण आजकल लोग मोटापा-डायबिटीज जैसी कई बीमारियों का शिकार हो रहे हैं. ऐसे में हेल्दी रहने के लिए सिर्फ जिम जाना या महंगी डाइट लेना ही काफी नहीं है, बल्कि हमारे किचन में मौजूद साधारण चीजों को इस्तेमाल करने का सही तरीका जानना जरूरी है. हाल ही में एक एक आयुर्वेद एक्सपर्ट ने एक इंटरव्यू में खाने-पीने की कुछ ऐसी आदतों के बारे में बताया है जो आपके शरीर को प्राकृतिक रूप से ट्रांसफॉर्म कर सकती हैं और हेल्दी रहने में मदद कर सकती हैं.
आयुर्वेद एक्सपर्ट ने बताया, यदि आप सिर्फ गेहूं के आटे की रोटियां खाते हैं तो प्लेन आटे की जगह मल्टीग्रेन आटे का उपयोग करना चाहिए. इसके लिए 10 किलो गेहूं के आटे में 1 किलो सोयाबीन और 1 किलो बेसन मिलाना फायदेमंद रहता है. साथ ही आटा गूंथते समय उसमें करीब 25 प्रतिशत हरी सब्जियां जैसे पालक या मेथी के पत्ते मिलाएं. यह न केवल रोटियों का स्वाद बढ़ाएगा, बल्कि फाइबर और विटामिंस की मात्रा भी बढ़ा देगा.
पाचन तंत्र को मजबूत रखने के लिए पानी पीने के नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है. आयुर्वेद एक्सपर्ट बताते हैं कि खाना खाने के तुरंत बाद कभी भी पानी नहीं पीना चाहिए. ऐसा करने से पेट की अग्नि (पाचन शक्ति) कम हो जाती है. पानी हमेशा खाना खाने से आधा घंटा पहले या 40 मिनट बाद ही पिएं. अगर खाने के बीच में बहुत जरूरत महसूस हो तो केवल एक या दो घूंट पानी लिया जा सकता है.
अक्सर लोग खाने के साथ कोल्ड ड्रिंक, चाय या कॉफी पीना पसंद करते हैं लेकिन यह आदत सेहत के लिए खतरनाक हो सकती है. इसके अलावा शरीर के संकेतों को समझना जरूरी है. जब भूख न हो तो भोजन न करें और प्यास न लगने पर जबरदस्ती पानी न पिएं. आयुर्वेद के अनुसार, सूर्यास्त के बाद भारी भोजन से बचना चाहिए. सप्ताह में एक दिन उपवास रखना शरीर को डिटॉक्स करने का सबसे बेहतरीन तरीका है.