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'अग्निपथ' के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दूसरी याचिका दाखिल, योजना रद्द करने की मांग

अग्निपथ योजना के तहत युवाओं में चार साल के लिए भर्ती किया जाएगा लेकिन किसी को पेंशन या ग्रेजुएटी नहीं मिलेगी. सैनिकों को मिलने वाली कैंटीन की सुविधा भी अग्निवीरों को नहीं मिलेगी. चार साल की सेवा खत्म होन पर सेवा निधि के तौर पर करीब 12 लाख रुपये अग्निवीरों को मिलेंगे. सेवा निधि पर इनकम टैक्स नहीं लगेगा.

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अग्निपथ योजना का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा (फाइल फोटो) अग्निपथ योजना का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • विरोध शांत करने के लिए रक्षामंत्री ने की थी बैठक
  • योजना में लगातार किए जा रहे हैं संशोधन

Agniveer recruitment: अग्निपथ भर्ती योजना को लेकर जारी गतिरोध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. सुप्रीम कोर्ट में अग्निपथ योजना को लेकर अब सोमवार को एक जनहित याचिका दाखिल कर दी गई. इस अर्जी में कोर्ट से केंद्र सरकार द्वारा नोटिफिकेशन को रद्द करने की मांग की गई है. इस अर्जी में कहा कि संसद की मंजूरी के बिना लाई गई अग्निपथ योजना असंवैधानिक और गैर कानूनी है. लिहाजा सुप्रीम कोर्ट इस योजना को रद्द करे. वकील एमएल शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका दाखिल की है. 

पहली याचिका में SIT जांच की मांग

सुप्रीम कोर्ट में इससे पहले अर्जी दाखिल कर मांग की गई कि अग्निपथ योजना के खिलाफ देश भर में हो रही हिंसा की एसआईटी जांच कराई जाए और स्टेटस रिपोर्ट मांगी जाए. इसके अलावा याचिकाकर्ता ने अग्निपथ योजना के परीक्षण के लिए एक्सपर्ट कमेटी के गठन की गुहार भी लगाई है. सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जस्टिस की अगुवाई में एक एक्सपर्ट कमेटी बने जो अग्निपथ योजना के प्रभाव का आकलन करे.

नोटिफिकेशन: जुलाई से शुरू हो जाएगा रजिस्ट्रेशन

अग्निपथ योजना के विरोध के बीच भारतीय सेना ने जरूरी नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. भर्ती के लिए जारी इस नोटिफिकेशन के मुताबिक, जुलाई में रजिस्ट्रेशन शुरू हो जाएगा. भारतीय सेना के नोटिफिकेशन के मुताबिक, 8वीं और 10वीं पास युवा भी इसमें अप्लाई कर सकते हैं.

डैमेज कंट्रोल करने में जुटी सरकार

16 , 17 और 18 जून को योजना के खिलाफ जबरदस्त विरोध होने पर सरकार बैकफुट पर आ गई है. वह प्रदर्शनकारी छात्रों का गुस्सा शांत करने के लिए योजना में एक के बाद कई बदलाव कर रही है. रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की है कि आवश्यक पात्रता मानदंडों को पूरा करने वाले अग्निवीरों को रक्षा मंत्रालय की नौकरियों में 10% तक आरक्षण मिलेगा. ये 10% आरक्षण भारतीय तटरक्षक बल और दूसरे सिविलियन पोस्ट और सभी 16 रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में लागू किया जाएगा. यह आरक्षण भूतपूर्व सैनिकों के लिए मौजूदा आरक्षण के अलावा होगा. 

इससे पहले 18 जून शनिवार को गृह मंत्रालय ने अग्निवीरों के लिए एक और ऐलान किया था. गृह मंत्रालय ने कहा कि जब अग्निवीर 4 साल की सेवा के बाद बाहर आते हैं तो उनके लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और असम राइफल्स की नौकरियों में उन्हें 10 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा. इसके अलावा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और असम राइफल्स में अग्निवीरों की भर्ती में उपरी आयु सीमा में 3 साल की छूट दी जाएगी. जबकि अग्निवीरों के पहले बैच के लिए ये छूट 5 साल होगी. 

अग्निवीरों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास है. इसके बाद उन्हें 4 साल नौकरी करनी पड़ रही थी. इस हालात में उनके सामने अपनी पढ़ाई जारी करने को लेकर चिंता हो सकती थी. इस समस्या के निदान के लिए स्कूली शिक्षा विभाग ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूल (NIOS) के जरिए उन्हें 12वीं तक पढ़ाई करने का विकल्प दिया गया.
इसके अलावा शिक्षा मंत्रालय ने अग्निवीरों के लिए 3 साल का विशेष स्किल बेस्ड बैचलर डिग्री लॉन्च करने का फैसला लिया है.  इसमें अग्निवीरों द्वारा 4 साल की सेवा के दौरान सीखे गए टेक्निकल स्किल को प्राथमिकता दी जाएगी. सूत्रों ने कहा कि IGNOU के साथ मिलकर इस कोर्स को डिजाइन किया जा रहा है.

राष्ट्रपति से मिलकर जताया विरोध    

कांग्रेसी नेताओं ने सोमवार को विजय चौक से राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकाला. इसके बाद उन्होंने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की. इस दौरान कांग्रेसी नेताओं ने राष्ट्रपति से अग्निपथ योजना को लेकर विरोध जताया.

उन्होंने कहा कि योजना को लेकर सरकार हर रोज नए बदलाव लेकर आ रही है. इससे सशस्त्र बल की दक्षता कम होगी. कांग्रेसी नेताओं ने राष्ट्रपति से सशस्त्र बलों के लोकाचार की रक्षा करने का अनुरोध किया. इस दौरान कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, अशोक गहलोत, भूपेश बघेल, अधीर रंजन चौधरी, पी. चिदंबरम, जयराम रमेश और के.सी. वेणुगोपाल ने मौजूद रहे. 

24 जून को प्रदर्शन करेंगे किसान

अग्निपथ योजना के विरोध में अब संयुक्त किसान मोर्चा भी विरोध प्रदर्शन करेगा. किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा 24 जून को अग्निपथ योजना के खिलाफ देशभर में जिला-तहसील मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन करेगा. इस बारे में किसान मोर्चा की कॉर्डिनेशन कमेटी ने करनाल में फैसला लिया है.

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