बेंगलुरु में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश और ओलावृष्टि ने तबाही मचा दी है. इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है. बेंगलुरु में बुधवार शाम को करीब एक घंटे तक लगातार भारी बारिश हुई. इसके साथ ही ओले गिरे और तेज हवाएं चलीं, जिससे कई जगह बड़े-बड़े पेड़ उखड़ गए. बिजली के खंभे गिर गए और सड़कें पानी से भर गईं. कई इलाकों में पानी इतना भर गया कि गाड़ियां तक नहीं चल पाईं. अंडरपास भी जलमग्न हो गए.
सबसे दर्दनाक घटना बोरिंग और लेडी कर्जन अस्पताल के कंपाउंड वॉल के गिरने की रही. अस्पताल की दीवार ढहने से 7 लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक 6 साल की छोटी बच्ची भी शामिल है. मरने वालों में दो केरल के छात्र भी थे, जो स्टडी टूर पर आए थे. बताया जा रहा है कि वह बारिश से बचने के लिए दीवार के पास शरण ले रहे थे.
बिजली का झटका लगने से दो मौतें
वेगा सिटी मॉल के पास 35 साल के रघु नाम के व्यक्ति की बिजली का करंट लगने से मौत हो गई. वहीं, यारब नगर में एक छात्र सैयद सूफियान अपनी मोटरसाइकिल पार्क करने के दौरान लाइव बिजली के तार से टकरा गए और उनकी भी मौत हो गई.
छत पर गिरा सीमेंट का ब्लॉक
चामराजपेट इलाके में एक और हादसा हुआ, जहां तेज हवा के कारण एक सीमेंट का ब्लॉक उड़कर घर की छत को भेदता हुआ अंदर गिर गया. इससे घर के अंदर मौजूद मंजुनाथ की मौके पर ही मौत हो गई.

शहर में भारी नुकसान
अधिकारियों के मुताबिक, पूरे शहर में 87 पेड़ उखड़ गए और 131 टहनियां टूट गई हैं. इनमें से 60 पेड़ और 98 टहनियां हटा दी गई हैं, बाकी जगहों पर काम जारी है. कई पार्क की गई कारें और दोपहिया वाहन पेड़ों के नीचे दब गए हैं. जिससे वाहनों को भी काफी नुकसान हुआ है.
शहर के कई मुख्य चौराहे और अंडरपास पानी से भर गए. केआर सर्कल अंडरपास तो पूरी तरह पानी में डूब गया, जिसे पुलिस ने बंद कर दिया है. सड़कों पर गिरे पेड़ों और अटकी गाड़ियों की वजह से ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया. लोग घंटों तक फंसकर रह गए.

कई इमारतों को भी आंशिक नुकसान पहुंचा है. इस अचानक आई बारिश और तूफान ने शहरवासियों को पूरी तरह चौंका दिया. प्रशासन ने अगले तीन दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. लोगों से अनावश्यक बाहर न निकलने और सुरक्षित जगह पर रहने की अपील की गई है.