पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ कार्रवाई को 'ऑपरेशन गजब-लिल-हक' नाम दिया है. पाकिस्तान के दावा है कि उसने जवाबी कार्रवाई में 133 तालिबानी को मार गिराया है और कई अफगानी चौकियों पर कब्जा कर लिया है. ऐसे में जानते हैं कि पाकिस्तान के इस ऑपरेशन का मतलब क्या होता है और इससे अफगानिस्तान कितना नुकसान हुआ है.
पाकिस्तान ने अफगान तालिबान के खिलाफ गुरुवार शाम को ऑपरेशन गजब-लिल-हक शुरू किया है. अब गूगल पर भी पाकिस्तानी इसके बारे में सर्च कर रहे हैं. जब अफगान तालिबान ने खैबर पख्तूनख्वा के चित्राल, खैबर, मोहम्मंद, कुर्रम और बाजौर क्षेत्रों में सीमा के किनारे कई स्थानों पर गोलीबारी शुरू कर दी. इस हमले में जवाब में पाकिस्तान ने 'ऑपरेशन ग़ज़ब-लिल-हक' शुरू किया.
ऑपरेशन गजब-लिल-हक का मतलब
ऑपरेशन गजब-लिल-हक का शाब्दिक अर्थ नेकी के लिए गुस्सा या न्याय का प्रकोप या खुदा का कहर होता है. क्योंकि 'गजब' का मतलब हिंदी में गुस्सा होता है. 'लिल' का अर्थ 'के लिए' होता है और 'हक' का मतलब न्याय, नेकी, धर्म या खुदा से जुड़ा है.
डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी मीडिया ने बताया है कि पाकिस्तानी वायु सेना ने अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत में एक गोला-बारूद डिपो को नष्ट कर दिया है.ऐसी खबरें हैं कि जिन अफगान परिवारों को स्वदेश वापस भेजा जाना था, उन्हें तोरखम सीमा से खैबर के लांडी कोटाल स्थित एक हिरासत केंद्र में वापस भेज दिया गया है.
ऑपरेशन गजब-लिल-हक के दौरान खैबर पख्तूनख्वा के कई क्षेत्रों में भारी लड़ाई की खबरें आईं, जिनमें चित्राल, खैबर, मोहम्मंद, कुर्रम और बाजौर शामिल हैं. इस ऑपरेशन के दौरान तालिबान को भारी नुकसान हुआ है. पाक सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने बताया कि जवाबी कार्रवाई के दौरान 133 अफगान तालिबान लड़ाके मारे गए और 200 से अधिक घायल हो गए. वहीं पाकिस्तान की ओर से सिर्फ दो सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने का दावा किया जा रहा है. जबकि, पाकिस्तान ने 133 अफगान तालिबानी को मार गिराने का दावा किया है.
अफगानिस्तान के प्रमुख शहरों पर हवाई हमले
पाकिस्तानी वायु सेना (पीएएफ) ने काबुल, कंधार और पक्तिया में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए. अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने इन हमलों की पुष्टि की है. साथ ही पाकिस्तान का एक फाइटर जेट मार गिराने का भी अफगानिस्तान ने दावा किया है.
वहीं पाकिस्तानी सरकारी मीडिया के अनुसार, ऑपरेशन गजब लिल-हक के दौरान काबुल में दो ब्रिगेड मुख्यालय, कंधार में एक कोर मुख्यालय और एक गोला-बारूद डिपो को नष्ट किया गया है. कुल मिलाकर, तालिबान की 27 चौकियां नष्ट कर दी गईं और 9 पर कब्जा कर लिया गया.