
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के 17वें दिन एक अहम घटनाक्रम सामने आया, जब ईरान ने UAE के फुजैराह शहर पर मिसाइलों से हमला किया. यह शहर UAE के फुजैराह अमीरात की राजधानी है और ओमान की खाड़ी के किनारे स्थित है.
फुजैराह रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यह होर्मुज के करीब स्थित है. यही वजह है कि यह बंदरगाह सप्लाई और जहाजों की आवाजाही के लिए अहम भूमिका निभाता है.
मधा: UAE के भीतर ओमान का हिस्सा
फुजैराह के पास ही एक अनोखा इलाका है-मधा. यह क्षेत्र ओमान का हिस्सा है, लेकिन पूरी तरह से UAE से घिरा हुआ है. भूगोल की भाषा में इसे 'एन्क्लेव' कहा जाता है, यानी किसी देश का हिस्सा जो दूसरे देश की सीमाओं के अंदर मौजूद हो.मधा लगभग 93 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है और मुसंदम प्रायद्वीप तथा मुख्य ओमान के बीच स्थित है.
इस अजीब भूगोल की शुरुआत 1930 के दशक में हुई थी, जब स्थानीय जनजातीय नेताओं से पूछा गया कि वे ओमान के साथ रहना चाहते हैं या शारजाह के साथ. आसपास के अधिकांश गांवों ने UAE क्षेत्र के शासकों को चुना, लेकिन मधा के लोगों ने ओमान के सुल्तान के अधीन रहना पसंद किया.

बाद में 1969 में जब ओमान और UAE के बीच आधुनिक सीमाएं तय हुईं, तो मधा आधिकारिक तौर पर UAE के भीतर ओमान का हिस्सा बन गया.
नहवा: एन्क्लेव के भीतर एक और एन्क्लेव
मधा के भीतर ही एक और अनोखी जगह है-नहवा. यह गांव UAE के शारजाह अमीरात का हिस्सा है, लेकिन यह ओमान के मधा क्षेत्र के अंदर स्थित है.यानि आसान शब्दों में समझें तो-नहवा (UAE) मधा (ओमान) के भीतर है, और मधा खुद यूएई के भीतर स्थित है. यह दुनिया के सबसे दुर्लभ भौगोलिक उदाहरणों में से एक माना जाता है.

फुजैराह: हिंद महासागर का अहम गेटवे
फुजैराह शहर UAE के पूर्वी तट पर स्थित है और सीधे हिंद महासागर से जुड़ा हुआ है. यह इसे बाकी UAE शहरों से अलग बनाता है, जो पर्शियन गल्फ के किनारे बसे हैं.इस स्थान की वजह से जहाजों को पर्शियन गल्फ की ओर से होर्मुज पार करने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे फुजैराह एक महत्वपूर्ण व्यापारिक और ऊर्जा केंद्र बन गया है. यहां बड़े तेल भंडारण टैंक और लॉजिस्टिक्स सुविधाएं मौजूद हैं.
भूगोल और राजनीति का संगम
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच फुजैराह और उसके आसपास का यह अनोखा भूगोल एक बार फिर चर्चा में है. यह दिखाता है कि कैसे इतिहास, सीमाएं और स्थानीय फैसले मिलकर ऐसे जटिल नक्शे बनाते हैं, जो आज भी वैश्विक राजनीति और व्यापार में अहम भूमिका निभा रहे हैं.