देश में इन दिनों एलपीजी (LPG) गैस को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है. खासकर मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण सप्लाई प्रभावित होने की खबरें सामने आ रही हैं. इसका असर भारत के कई शहरों, खासकर दिल्ली और आसपास के इलाकों में देखने को मिल रहा है. होटल और रेस्टोरेंट कारोबार सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है, क्योंकि उन्हें कमर्शियल गैस सिलेंडर समय पर नहीं मिल पा रहे हैं. स्थिति यह हो गई है कि कई छोटे होटल, ढाबे और खाने-पीने की दुकानें बंद होने की कगार पर पहुंच गई हैं.
ऐसे में कुछ दुकानदार मजबूरी में घरेलू LPG सिलेंडर का इस्तेमाल करने लगे हैं, क्योंकि यह कमर्शियल सिलेंडर के मुकाबले सस्ता भी पड़ता है और कुछ जगहों पर आसानी से मिल भी जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर में बड़ा अंतर होता है और घरेलू सिलेंडर का व्यापारिक इस्तेमाल करना कानूनन अपराध है?

दिल्ली समेत कई शहरों में कमर्शियल गैस की किल्लत
पटियाला कोर्ट के वकील महमूद आलम के अनुसार, घरेलू LPG सिलेंडर पर सरकार सब्सिडी देती है. इसका मकसद आम लोगों को रसोई गैस सस्ती दर पर उपलब्ध कराना है. इसलिए यह सिलेंडर केवल घर में खाना बनाने के लिए ही इस्तेमाल किया जा सकता है. वहीं, कमर्शियल सिलेंडर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए होता है और इसकी कीमत भी ज्यादा होती है क्योंकि इस पर कोई सब्सिडी नहीं होती. कानूनी रूप से LPG के उपयोग और वितरण को Essential Commodities Act, 1955 और Liquefied Petroleum Gas (Regulation of Supply and Distribution) Order, 2000 के तहत नियंत्रित किया जाता है. इन नियमों के अनुसार, घरेलू गैस का कमर्शियल इस्तेमाल 'मिसयूज' या 'डायवर्जन ऑफ सब्सिडाइज्ड LPG' माना जाता है, जो कि एक दंडनीय अपराध है.

सब्सिडी वाला सिलेंडर केवल घर के लिए ही मान्य
अगर कोई दुकानदार या व्यवसायी घरेलू सिलेंडर का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ कई तरह की कार्रवाई हो सकती है. सबसे पहले संबंधित सिलेंडर और गैस कनेक्शन को जब्त किया जा सकता है. इसके साथ ही गैस एजेंसी उस व्यक्ति का कनेक्शन रद्द कर सकती है, जिससे उसे भविष्य में गैस मिलने में दिक्कत हो सकती है. इतना ही नहीं, दोषी पाए जाने पर उस पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है.
गंभीर मामलों में पुलिस एफआईआर दर्ज कर सकती है, जिसके बाद मामला कोर्ट तक पहुंच सकता है. सजा की बात करें तो यह मामला सीधे Essential Commodities Act, 1955 के तहत आता है. इस कानून के तहत दोषी पाए जाने पर अधिकतम 7 साल तक की जेल हो सकती है. इसके अलावा अदालत जुर्माना भी लगा सकती है. कई मामलों में जेल और जुर्माना दोनों सजा एक साथ भी दी जा सकती हैं.

कानून क्या कहता है?
अगर कोई व्यक्ति बार-बार इस तरह का अपराध करता है, तो उसके ऊपर भी कार्रवाई हो सकती है. यहां तक कि उसकी दुकान या होटल को बंद करने के आदेश भी दिए जा सकते हैं. सिर्फ दुकानदार ही नहीं, बल्कि इस पूरी सप्लाई चेन में शामिल लोग- जैसे गैस एजेंसी या डिलीवरी करने वाले कर्मचारी भी दोषी पाए जाने पर सजा के भागीदार बन सकते हैं. विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि घरेलू सिलेंडर का कमर्शियल इस्तेमाल सिर्फ गैरकानूनी ही नहीं, बल्कि खतरनाक भी हो सकता है.
क्योंकि इनका इस्तेमाल अलग तरह के दबाव और मात्रा के लिए डिजाइन किया गया होता है. गलत उपयोग से हादसों का खतरा बढ़ जाता है. कुल मिलाकर, गैस की कमी के इस दौर में भले ही दुकानदारों की मजबूरी समझ में आती हो, लेकिन कानून का उल्लंघन करना बड़ा जोखिम साबित हो सकता है. इसलिए जरूरी है कि नियमों का पालन किया जाए और केवल निर्धारित उपयोग के लिए ही LPG सिलेंडर का इस्तेमाल किया जाए.