उत्तराखंड (Uttarakhand) में बारिश और बाढ़ ने तबाही मचाई हुई है. भारी बारिश और बाढ़ से उपजे हालात से निपटने के लिए सीएम पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) ने खुद मोर्चा संभाला हुआ है. वह बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खुद जाकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं और लोगों को हर संभव मदद का आश्वासन दे रहे हैं. उन्होंने बुधवार को ऊधम सिंह नगर और नैनीताल जनपद में ट्रैक्टर पर सवार होकर किसानों के साथ आपदा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया. फसलों को हुए नुकसान का तत्काल आकलन करने हेतु प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित भी किया.
इस दौरान उनके साथ किसान नेता ओर दर्जा मंत्री राजपाल सिंह, कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत और भी कई अधिकारियों का बड़ा अमला भी साथ रहा. उन्होंने ट्वीट किया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में अधिकारियों को बचाव और राहत कार्य तत्परता से करने के निर्देश दिए गए हैं. सरकार पूरी तरह से आपदा पीड़ितों के साथ खड़ी है. उनकी हर संभव मदद की जाएगी.
एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, ''राज्य के नागरिकों की सुरक्षा मेरी पहली प्राथमिकता है. इस संकट की घड़ी में कोई भी नागरिक खुद को अकेला ना समझे. मैं आपका सेवक हूं. और यह सेवक हर परिस्थिति में आपके साथ कन्धे से कन्धा मिलाकर खड़ा है.''
आज उधम सिंह नगर एवं नैनीताल में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। राज्य के नागरिकों की सुरक्षा मेरी पहली प्राथमिकता है। इस संकट की घड़ी में कोई भी नागरिक खुद को अकेला ना समझे, मैं आपका सेवक हूँ और यह सेवक हर परिस्थिति में आपके साथ कन्धे से कन्धा मिलाकर खड़ा है।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami)
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जब बाढ़ पीड़ितों से मिलने अपने गृहनगर खटीमा पहुंचे, तो उस दौरान उनकी फ्लीट में शामिल पुलिस पेट्रोलिंग कार पानी के तेज बहाव में सड़क से नीचे उतर खेतों में बह गई. लेकिन गनीमत ये रही कि इसमें कोई जन हानि नहीं हुई.
उत्तराखंड में बारिश, भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ की वजह से तबाही का भयानक मंजर देखने को मिल रहा है. राज्य के कई हिस्सों में आई इस प्राकृतिक आपदा में मरने वालों का आंकड़ा 47 तक पहुंच गया है. अकेले नैनीताल में 25 लोगों की मौत हुई है. वहीं, तमाम लोग लापता हैं. उत्तराखंड में आसमान से आफत ऐसे बरसी की हर तरफ दहशत का माहौल है.
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोगों से न घबराने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. साथ ही चार धाम यात्रियों से फिर अपील करते हुए कहा कि वे मौसम में सुधार होने तक जहां हैं, वहीं रुके रहें. गृहमंत्री अमित शाह गुरुवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे करेंगे.
(राजेश छाबड़ा के इनपुट से)