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नैनीताल से कौसानी तक गैस संकट, कालाबाजारी रोकने के लिए कमिश्नर ने दिए सख्त निर्देश

मध्य पूर्व में जारी युद्ध का असर अब उत्तराखंड के पर्यटन क्षेत्रों में भी दिखाई देने लगा है. कुमाऊं मंडल के होटल, रिसॉर्ट और रेस्टोरेंट में इस्तेमाल होने वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की भारी कमी हो गई है. सप्लाई प्रभावित होने से होटल व्यवसायी परेशान हैं. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति फिलहाल सामान्य है और कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है.

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होटल-रेस्टोरेंट में कमर्शियल गैस सिलेंडर की भारी कमी (Photo: Screengrab)
होटल-रेस्टोरेंट में कमर्शियल गैस सिलेंडर की भारी कमी (Photo: Screengrab)

मध्य पूर्व में जारी संघर्ष का असर अब भारत के पर्यटन क्षेत्रों तक दिखाई देने लगा है. उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई प्रभावित होने से होटल, रेस्टोरेंट और रिसॉर्ट संचालक परेशान हो गए हैं. खासतौर पर पर्यटन के लिए मशहूर इलाकों में गैस की कमी का असर स्थानीय व्यवसाय पर पड़ने लगा है.

कुमाऊं क्षेत्र के कई होटल और रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से कमर्शियल गैस सिलेंडर आसानी से उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं. इसका असर सीधे तौर पर खाने-पीने के कारोबार पर पड़ रहा है. हल्द्वानी के एक रेस्टोरेंट संचालक राजेंद्र गुप्ता का कहना है कि पहले जहां सिलेंडर समय पर मिल जाते थे, वहीं अब सप्लाई में देरी हो रही है, जिससे कारोबार चलाना मुश्किल होता जा रहा है.

कुमाऊं के होटल-रेस्टोरेंट में कमर्शियल गैस सिलेंडर की भारी कमी

स्थानीय लोगों का भी कहना है कि गैस सप्लाई की स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. कई जगह सप्लायर्स ने घरेलू गैस की डोरस्टेप डिलीवरी में भी देरी शुरू कर दी है, जिससे लोगों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

गैस सप्लाई से जुड़े अधिकारियों ने भी स्वीकार किया है कि कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित हुई है. हालांकि उनका कहना है कि घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई फिलहाल सामान्य बनी हुई है और आम उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है.

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कमिश्नर दीपक रावत ने दिए कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के आदेश

इस बीच कुमाऊं के कमिश्नर दीपक रावत ने सभी छह जिलों के जिलाधिकारियों को गैस सप्लाई पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा है कि कहीं भी गैस की कालाबाजारी न हो और जरूरतमंदों को समय पर सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएं.

दरअसल भारत में एलपीजी गैस का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात किया जाता है. इनमें संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर, कुवैत, ओमान, बहरीन और ईरान जैसे देश शामिल हैं. इन क्षेत्रों में तनाव और युद्ध जैसे हालात बनने से पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई चेन पर असर पड़ा है.

कुमाऊं क्षेत्र के प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे रुद्रपुर, नैनीताल, रामनगर, मुक्तेश्वर, चम्पावत, बागेश्वर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, कौसानी और धारचूला में हजारों होटल, गेस्ट हाउस और रेस्टोरेंट कमर्शियल गैस सिलेंडरों पर निर्भर हैं. अनुमान है कि यहां करीब 60 हजार कमर्शियल गैस कनेक्शन हैं, जो इस समय सप्लाई की समस्या से प्रभावित हो रहे हैं.


 

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