गाजियाबाद में रविवार को एक पांच मंजिला निर्माणाधीन इमारत गिर गई. यहां काम करने वाले मजदूरों का कहना है कि मकान के पिलर में पहले ही दरार आ गई थी. दरार देख उन लोगों ने काम करने से मना किया था, लेकिन लैंडलॉर्ड ने किसी हादसे की आशंका से इंकार करते हुए मजदूरों को जबरन काम पर लगा दिया. हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जबकि कई लोगों के अभी भी दबे होने की आशंका है.
Labourers working at the building collapsed in Ghaziabad say'A crack appeared in the column of the building this morning,Builder told us to fill the cracks with cement & forced us to continue. We were working on the upper floor, the column must have collapsed at the ground floor'
— ANI UP (@ANINewsUP)
एक चश्मदीद मजदूर ने बताया कि तीन बच्चों सहित वहां 13 लोग रह रहे थे. पिलर में दरार आने की बात उन्होंने मकान मालिक को बताई थी. लेकिन मकान मालिक ने जबरन को काम पर लगा दिया. चश्मदीद ने बताया कि मकान मालिक ने कहा, कुछ नहीं होगा यहीं रहो, लेकिन कुछ ही घंटों में इमारत जमींदोज हो गई.
मकान के गिरने से वहां हड़कंप मच गया. मौके पर एनडीआरएफ एनडीआरएफ की टीम जुटी हुई है. ध्वस्त इमारत में कई मजदूरों के दबे होने की आशंका है. बता दें कि पांच दिन पहले ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी में दो इमारतें भरभराकर गिर गईं थी, जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई थी.
इमारत गाजियाबाद के गोविंदपुरम के पास अकाशनगर में गिरी है. मौके पर पुलिस और एनडीआरएफ की टीम पहुंच गई है. एनडीआरएफ के डीजी संजय कुमार ने 'आज तक' से कहा है कि मलबे से 5 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है. बारिश से बचाव के काम पर असर नहीं है. वहीं चश्मदीद के मुताबिक इमारत में दरार पड़ी थी. बताया जा रहा है 10 से ज्यादा मजदूर मलबे में फंसे हुए हैं.