उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने संकल्प पत्र के वादे को पूरा करते हुए सरकार ने सौ दिन में 9.74 लाख युवाओं को मुफ्त टैबलेट और स्मार्टफोन बांटने का लक्ष्य तय किया है. हालांकि यूपी की स्मार्ट फोन और टैबलेट सप्लाई करने वाले डिपार्टमेंट यूपीडेस्को में सिर्फ स्टॉक में केवल 8 लाख फोन और टैबलेट ही उपलब्ध है.
इसकी वजह यूक्रेन से चिप की सप्लाई रुकने को बताया जा रहा है. दरअसल, जिन कम्पनियों को ठेका दिया गया था उन्होंने आपूर्ति बंद कर दी है. हालांकि आपूर्ति बंद होने के बाद यूपीडेस्को ने सभी सप्लाई करने वाली कंपनियों के ऊपर करीब 14 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है और अब इंतजार है नए टेंडर की ताकि बाकी की आपूर्ति पूरी की जाए.
जानकारी के मुताबिक, लखनऊ में यूपीडेस्को ने टैबलेट और फोन बांटने के लिए सेलकॉन इम्पेक्स, लावा इंटरनेशनल और विजन डिस्ट्रीब्यूशन को टैबलेट का ठेका दिया थाय प्रति टेबलेट 12606 रुपये की दर से रेट तय किया गया था. स्मार्टफोन की सप्लाई सेलकॉन, लावा और यूनाइटेड टेलीलिंक्स को 10740 रुपये की दर से दी गई थी.
इसके बाद 17 लाख 70 हजार फोन और टैबलेट के लिए 14 करोड़ 69 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया गया, लेकिन कंपनियों ने अबतक केवल 12 लाख 31 हजार 983 फोन की सप्लाई किया है और बाकी की सप्लाई बंद कर दी है. इसके बाद डिपार्टमेंट ने मोबाइल-टैबलेट सप्लाई न करने पर जुर्माना लगा दिया है.
यूपीडेस्को के प्रबंधक (प्रणाली) नितिन माथुर के मुताबिक, हमने जिन कंपनियों को ठेका दिया गया है वह पूर्ति नहीं कर पाए हैं, जिसकी वजह से जुर्माना लगाया गया है और कैंसिलेशन कर दिया गया है. हालांकि उनकी माना तो यूक्रेन और कोविड-19 के कारण चिप सप्लाई नहीं हो पा रही है लेकिन अब हम शासन पर निर्भर है कि वह किस तरीके से पूर्ति कराएं.
इस मामले में यूपीडेस्को के प्रबंधक (टैबलेट-मोबाइल) वीके मौर्या ने कहा, सभी कंपनियों पर 13 करोड़ 95 लाख रुपए की पेनाल्टी लगाई गई है, अब नए टेंडर पड़ेंगे तभी आगे की सप्लाई होगी. उन्होंने कहा कि अभी तक पुराने टैबलेट हमारे पास रखे हैं, जिनको हम दे रहे हैं.