दिल्ली के बाद अब उत्तर प्रदेश में भी घर बैठे ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने का पायलट प्रोजेक्ट शुरू हो गया. जिसकी शुरुआत बाराबंकी जिले से हो गई है. इस सुविधा का ट्रायल बाराबंकी एआरटीओ कार्यालय से शुरू हो गया. 15 दिनों तक इस प्रक्रिया का ट्रायल चलेगा और इस दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी सामने आने पर उसमें सुधार किया जाएगा. इसके बाद लखनऊ समेत प्रदेश भर के जिलों में इस सुविधा को एक साथ शुरू कर दिया जाएगा.
बाराबंकी जिले में एआरटीओ पंकज सिंह ने इसकी शुरुआत की. इस सुविधा से उत्तर प्रदेश की जनता को अब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए दलालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. पंकज सिंह ने बताया कि लर्निंग डीएल आवेदक parivahan.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करेंगे. जहां आधार नंबर डालकर लिंक करते ही आवेदक का पूरा ब्योरा सामने होगा. आधार पर दर्ज नाम, पता व मोबाइल नंबर का ब्योरा भरना पड़ेगा. फीस जमा करने, सिग्नेचर अपलोड किए जाने, स्लॉट लेने की पूरी प्रक्रिया से जुड़े कागजातों की जांच ऑनलाइन होगी.
इस काम के लिए आवेदकों को आरटीओ नहीं जाना पड़ेगा. आवेदन के बाद परीक्षा भी ऑनलाइन होगी. इसके लिए आवेदक को एक ट्यूटोरियल दिया जाएगा, जिसे तय समय के अंदर आवेदक को देखना होगा. इसके उपरांत उससे 16 प्रश्न पूछे जाएंगे, उनमें से 9 के सही उत्तर देना अनिवार्य होगा. परीक्षा पास होने के बाद एआरटीओ लर्निंग लाइसेंस पर अपनी मुहर लगाएंगे, जिसके बाद आवेदक उसका प्रिंट आउट निकाल कर इस्तेमाल कर सकते हैं.
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एआरटीओ (प्रशासन) पंकज सिंह ने बताया कि इसके लिए एनआईसी की वेबसाइट को अपग्रेड कर दिया गया है. अब घर बैठे लाइसेंस बनेगा. बाराबंकी में पायलट परीक्षण शुरू हो गया है. 15 दिन के ट्रायल के बाद पूरे प्रदेश भर में इसे लागू कर दिया जाएगा.