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राम मंदिर जमीन विवाद पर चंपत राय को चेतावनी, जानिए RSS के महामंथन में क्या-क्या हुआ

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आरएसएस की बैठक में पूरी पारदर्शिता के साथ राम मंदिर निर्माण से जुड़े विवाद पर चर्चा हुई और राम मंदिर ट्रस्ट के सचिव चंपत राय को भी कड़ी चेतावनी दी गयी कि किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जायेगी.

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आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत (फाइल फोटो)
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • चित्रकूट में आरएसएस का महामंथन
  • देश के मौजूदा हालात पर हुई चर्चा

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) देश के मौजूदा हालात को लेकर काफी गंभीर नजर आ रहा है. संघ में बड़ा फेरबदल हुआ है. चित्रकूट में हो रहे महामंथन (Chitrakoot Meeting) में राम मंदिर निर्माण (Ram Mandir), कोरोना के मुद्दे (Corona) और देश की राजनीति (Political Scenario) हावी रही.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आरएसएस की बैठक में पूरी पारदर्शिता के साथ राम मंदिर निर्माण से जुड़े विवाद पर चर्चा हुई और राम मंदिर ट्रस्ट के सचिव चंपत राय को भी कड़ी चेतावनी दी गयी कि किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जायेगी. इसके साथ ही कोरोना के मसले पर चर्चा हुई.
 
कोरोना के कारण भाजपा की खराब हुई छवि को सही करने का प्लान बना. संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कोरोना से प्रभावित लोगों की अधिक से अधिक मदद करने पर चर्चा की. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ चाहता है कि अगर कोरोना की तीसरी लहर आती है तो पूरे देश में व्यापक व्यवस्था होनी चाहिए, चाहे केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार कोई कसर न छोड़े.

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने पदाधिकारियों की जिम्मेदारी में बड़ा बदलाव किया है. आरएसएस की ओर से भाजपा के साथ समन्वय का कार्य अब सह सरकार्यवाह अरुण कुमार देखेंगे. अब तक कृष्ण गोपाल आरएसएस और भाजपा के बीच समन्वय का काम देखते थे. इसके साथ ही बंगाल में प्रांत प्रचारक को भी बदल दिया गया है.

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सूत्रों के मुताबिक, चित्रकूट में चल रही बैठक में जनसंख्या नियंत्रण कानून पर भी चर्चा हुई. यूपी चुनाव से पहले संघ के सभी पदाधिकारियों ने जनसंख्या नियंत्रण कानून लाने पर सहमति जताई. जनसंख्या नियंत्रण कानून के अलावा कोरोना महामारी की तीसरी लहर, गोहत्या और अयोध्या में बन रहे राम मंदिर को लेकर जनता की क्या सोच है, इस पर भी चर्चा हुई.

राम मंदिर का यूपी की जनता का कितना असर है, इस पर भी आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने तमाम प्रचारकों से विस्तृत जानकारी ली. इस बैठक को यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव से भी जोड़ा जा रहा है, ताकि आरएसएस के पदाधिकारी, सरकार की कमियों के रिपोर्ट कार्ड का जायजा ले सकें.

दूसरी ओर, जनसंख्या नियंत्रण कानून में आरएसएस का हस्तक्षेप जल्द ही लागू हो सकता है और इसका सीधा फायदा आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा को होगा. इसके साथ ही हिंदू धर्म को सर्व-समावेशी बनाने और राम मंदिर निर्माण को गति देने के लिए संतों के बीच बातचीत हुई. आरोग्य धाम में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि और संघ प्रमुख के बीच मंथन हुआ.

 

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