उन्नाव में बालू माफिया मोदी के गंगा प्लान की धज्जियां उड़ा रहे हैं. उन्नाव-कानपुर के बीच गंगा में पूरी-पूरी रात बालू खनन हो रहा है. इन खनन माफिया को मुख्यमंत्री का भी नहीं खौफ नहीं है.
गंगा में पर पूरी तरह रोक है, लेकिन उन्नाव कानपुर के बीच गंगा रेती में आजकल बड़े पैमाने बालू खनन किया जा रहा है. बालू के अवैध खनन में जुटे ये बालू माफिया इतने पावरफुल है कि न तो उन्हें देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट नामामि गंगे का ख्याल है और न उन्हें प्रशासन का कोई डर है.
रोजाना शाम होते ही शुरू होने वाला यह अवैध पूरी रात बदस्तूर जारी रहता है. सैकड़ों बालू भरे ट्रक उन्नाव से लेकर कानपुर-लखनऊ तक चक्कर लगाते हैं, लेकिन इनकी तरफ से उन्नाव और कानपुर दोनों जिलों का प्रशासन आखें मूंदे है.
इस अवैध खनन की सबसे खास बात यह है कि रातभर जमकर होने वाला यह बालू खनन भोर होते ही एकदम से रोक दिया जाता है. न इस पर पुलिस कोई ध्यान दे रही है और न ही प्रशासन.
गंगा किनारे रहने वाले गांववालों का कहना है कि यह अवैध बालू खनन पिछले छह महीने से चल रहा है. पोकलैंड मशीनें खुदाई में लगी है. रात को यह खनन होता है, जबकि सुबह होते ही बंद हो जाता है. गांववालों का कहना है कि इसकी शिकायत कई बार हो चुकी है, लेकिन कभी कोई कार्रवाई नहीं होती है.
आपको बता दें कि अभी पंद्रह दिन पहले ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अवैध खनन में लापरवाही बरतने पर इलाहाबाद के कमिश्नर वीके सिंह और फतेपुर के डीएम राकेश कुमार को सस्पेंड किया था, लेकिन यहां होने वाले खनन देख कर नहीं लगता कि उन्नाव और कानपुर दोनों के अधिकारियों पर इस कार्रवाई का कोई डर है.