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यूपी: कोरोना से मरे मरीज की वीडियो ट्वीट करने पर पूर्व IAS के खिलाफ केस दर्ज

इस बारे में वाराणसी के काशी जोन के एडिशनल DCP विकास चंद्र त्रिपाठी ने आजतक को बताया कि एक कोरोना मरीज का शव नाले में मिलने के संबंध में ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया है और एक वीडियो भी डाला गया है. वर्तमान में इस तरह की कोई घटना वाराणसी कमिश्नरेट में घटित नहीं हुई है. जो वीडियो शेयर किया जा रहा है, वह 24 अगस्त 2020 का है.

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पूर्व आईएएस अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह (फाइल फोटो)
पूर्व आईएएस अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पूर्व आईएएस अधिकारी पर वाराणसी में FIR
  • एक पुराने वीडियो को शेयर करने पर मुकदमा दर्ज
  • CM योगी के खिलाफ किया था ट्वीट

पूर्व IAS अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह को CM योगी से संबंधित एक पुरानी खबर और भ्रामक वीडियो पोस्ट करना भारी पड़ गया है. जिसके बाद वाराणसी के एक थाने में सूर्य प्रताप सिंह के खिलाफ आईटी एक्ट और महामारी अधिनियम उल्लंघन के आरोपों सहित अन्य धाराओं में भी मुकदमा दर्ज कर लिया गया है.

मामला ये है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कोरोना से ठीक होने के बाद एक बार फिर जमीन पर उतर गए हैं. इसी कड़ी में कल सीएम योगी वाराणसी के BHU में बनकर तैयार हुए DRDO के पद्मभूण राजन मिश्र अस्थाई कोविड अस्पताल का निरीक्षण किया. वहीं BHU के ही सेंट्रल ऑफिस में मंडल स्तर की कोरोना पर बैठक ली और फिर मीडिया को संबोधित भी किया. 

लेकिन सीएम योगी के इस पूरे दौरे के दौरान उस वक्त सोशल मीडिया पर हड़कंप मच गया, जब पूर्व IAS सूर्य प्रताप सिंह ने यह लिखते हुए एक 34 सेकेंड के वीडियो के साथ ट्वीट कर दिया कि "योगी जी उछलकूद से काम नहीं चलेगा, परिणाम भी चाहिए, आप आज वाराणसी में समीक्षा कर रहे हैं, जरा गरीब के इस रूदन को भी सुन लीजिएगा. वाराणसी के इस अस्पताल में एडमिट कोरोना पाॅजिटिव मरीज का शव नाले में मिला है, दो दिन से मरीज लापता था, परिजन खोज रहे थें".

देखते ही देखते हजारों लोगों ने इस ट्वीट को देखकर शेयर और कमेंट करना शुरू कर दिया. इस पूरे प्रकरण का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने पूर्व IAS सूर्य प्रताप सिंह पर लंका थाने में महामारी अधिनियम और आईटी एक्ट के उल्लंघन सहित अन्य धाराओं में मुकदमा पंजीकृत दर्ज कर लिया है.

इस बारे में वाराणसी के काशी जोन के एडिशनल DCP विकास चंद्र त्रिपाठी ने आजतक को बताया कि एक कोरोना मरीज का शव नाले में मिलने के संबंध में ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया है और एक वीडियो भी डाला गया है. इसकी जांच क्षेत्राधिकारी भेलूपुर से कराई गई है. जिससे पता चला है कि वर्तमान में इस तरह की कोई घटना वाराणसी कमिश्नरेट में घटित नहीं हुई है. जो वीडियो शेयर किया जा रहा है, वह 24 अगस्त 2020 का है. जिस संबंध में पहले ही संयुक्त मजिस्ट्रेरियल जांच संपादित की जा चुकी है और वर्तमान में इस प्रकरण में कोई कार्रवाई शेष नहीं है.

ट्वीट किए गए वीडियो के माध्यम से अफवाह, गलत और आपत्तिजनक चीजें ट्विटर पर डाली जा रही हैं, जिसकी जांच कर रहें हैं और विधिक कार्रवाई भी की जा रही है.''

अब पूर्व IAS सूर्य प्रताप सिंह ने एक खबर का लिंक शेयर करते हुए जानकारी दी है कि उनके ऊपर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. उन्होंने लिखा है कि "उत्तर प्रदेश पुलिस की प्राथमिकता का जवाब नहीं. बनारस में घटित हुई इस सत्य घटना को ट्वीट करने पर मेरे ऊपर मुकदमा लिख दिया गया है. आरोप है कि घटना तो पहले हुई है, ट्वीट आज कैसे कर दिया गया. आपको तकलीफ बस इतनी सी है कि मैं ऑक्सीजन पर सवाल क्यूं पूछ रहा हूँ"

एक और ट्वीट लिखते हुए उन्होंने कहा है ''मेरे ऊपर मुक़दमा करने से अगर मरीज़ों को आक्सीजन मिलता है, ग़रीबों को दवाई मिलती है, बेड मिलता है, तो मैं ऐसे हर मुक़दमे का स्वागत करता हूँ''

 

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