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कोरोना के खिलाफ ड्रोन तैयार, बिना इंसानी मदद के इलाके को कर सकेगा सैनिटाइज

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में ड्रोनमैन नाम से चर्चित मिलिंद राज ने ऐसा ड्रोन बनाया है जो बिना इंसानी मदद के इलाके को सैनिटाइज कर सकता है. यह ड्रोन 8 लीटर तक के केमिकल और सैनिटाइजर को लेकर हवा में उड़ सकता है. हालांकि, अभी स्वास्थ्य कर्मी खुद ही इलाकों को सैनिटाइज कर रहे हैं.

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स्प्रे से सैनिटाइज करने वाला ड्रोन स्प्रे से सैनिटाइज करने वाला ड्रोन

  • कोरोना संक्रमण के खिलाफ लखनऊ में बना सैनिटाइज स्प्रे ड्रोन
  • बिना इंसानी मदद के ड्रोन इलाके और घरों को करेगा सैनिटाइज

कोरोना वायरस से निपटने के सभी तौर-तरीकों का इस्तेमाल हो रहा है. डॉक्टर से लेकर वैज्ञानिक तक अपने-अपने तरीके से कोरोना से जंग में उतरे हैं. कोरोना संक्रमण के जंग के खिलाफ कोई मास्क बना रहा है कोई नई किट डिवेलप कर रहा है तो कोई वेंटिलेटर बना रहा है. ऐसे में उत्तर प्रदेश के लखनऊ में ड्रोनमैन नाम से चर्चित मिलिंद राज ने ऐसा ड्रोन बनाया है जो बिना इंसानी मदद के इलाके को सैनिटाइज कर सकता है.

संक्रमण के खिलाफ जंग में सिर्फ हाथों को ही नहीं बल्कि पूरे-पूरे इलाके और क्षेत्र को सैनिटाइज किया जा रहा है. मौजूदा समय में स्वास्थ्यकर्मी या फिर नगर निकाय के कर्मचारियों के द्वारा इलाके और गली मोहल्लों को सैनिटाइज कराया जा रहा है. ऐसे में मिलिंद राज द्वारा तैयार किया सैनिटाइज ड्रोन काफी मददगार साबित हो सकता है.

लखनऊ के ड्रोनमैन द्वारा तैयार किया ड्रोन गलियों और रास्ते किनारे खड़ी गाड़ियों को बेहद आसानी से सैनिटाइज कर सकता है. यह ड्रोन 8 लीटर तक के केमिकल और सैनिटाइजर को लेकर हवा में उड़ सकता है और बिना किसी इंसानी सहयोग के सैनिटाइज करने का काम भी कर सकता है.

ये सैनिटाइज ड्रोन स्प्रे तकरीबन डेढ़ मीटर चौड़ा और आधा मीटर ऊंचा है. इसमें 6 रोटर इंजन है. इसके साथ ही इसमें 7 लीटर की टंकी है, जिसमें सैनिटाइजर केमिकल रहता है. ये पूर्णतया ऑटोमैटिक है और कम्प्यूटर से एक जगह बैठकर संचालित किया जा सकता है. कम्प्यूटर से इसका टारगेट सेट रहता है और जगहों को या गाड़ियों को सैनिटाइज करने के बाद स्वत: वापस आ सकता है. ये ड्रोन स्प्रे कम्प्यूटर, रिमोट और मोबाइल से कंट्रोल होता है.

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मिलिंद राज ने बताया कि उन्होंने सरकार से अपने इस नए ड्रोन को इस्तेमाल करने की इजाजत मांगी है.उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से हर कोई डरा हुआ है. ऐसे में बिना इंसानी जान को खतरे में लाए इस ड्रोन का इस्तेमाल किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि हमारा शहर काफी घना है. बहुत से जगहों पर सैनिटाइज करना कठिन काम है. ऐसे में ड्रोन बहुत कारगर साबित हो सकता है.

उन्होंने कहा कि ड्रोन के जरिए चाहे सड़क पर खड़ी गाड़ियां हो या फिर अपार्टमेंट और सोसाइटी की गाड़ियां बिना किसी इंसान की मदद के सैनिटाइज कर सकता है. इस ड्रोन से गाड़ियों पर केमिकल का छिड़काव या फिर सैनिटाइजर का छिड़काव आसानी से किया जा सकता है.

कौन हैं मिलिंद राज?

मिलिंद राज गोमतीनगर के वि‍भूति‍खंड के रहने वाले हैं. उन्होंने 15 दिन की दिन-रात की मशक्कत के बाद एक ऐसा सैनिटाइजर स्प्रे वाला ड्रोन बनाया है. इसकी क्षमता और कुशलता को जानकर हैरानी होगी कि इस बहुपयोगी यंत्र को बनाने वाला छात्र इंजीनियर नहीं, बल्कि कानून का छात्र है. इसका वजन लगभग 10 किलोग्राम है. अभी आठ किलोमीटर तक उड़ सकता है. आने वाले दिनों में इसे करीब तीन हजार मीटर की ऊंचाई तक उड़ाने की क्षमता वाला बनाया जाएगा.

बता दें कि देश के कई राज्यों में ड्रोन के जरिए सैनिटाइज का काम शुरू भी हो गया है. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को ड्रोन से सैनिटाइज करने का काम एक कंपनी को सौंपा गया है. माना जा रहा है कि पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी ड्रोन के जरिए एंटी-कोरोनावायरस कीटाणुनाशक का छिड़काव किया जाएगा.

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