उत्तर प्रदेश सरकार ने 16 जिलों के जिलाधिकारियों को अपने जिले के निजी मेडिकल कॉलेज में क्वारनटीन बेड की व्यवस्था करने को कहा है. इसकी व्यवस्था और देखरेख की जिम्मेदारी भी मेडिकल कॉलेज संचालकों की होगी. ये निर्देश राज्य एपिडेमिक एक्ट के तहत दिए गए हैं, जिन्हें मानने के लिए सभी निजी चिकित्सालय बाध्य होंगे. राज्य में कोरोना वायरस के मरीजों की बढ़ती तादाद को देखते हुए यह आदेश पारित किया गया है.
सरकारी आदेश के मुताबिक, यह व्यवस्था सिर्फ कोरोना वायरस से निपटने के लिए नहीं होगी, बल्कि बाद में भी किसी महामारी से निपटने के दौरान इनसे काम लिया जाएगा. जिन जिलों में यह व्यवस्था की जा रही है उनके नाम हैं- मेरठ, लखनऊ, बनारस, बरेली, मुजफ्फरनगर, सीतापुर, मुरादाबाद, हापुड़, शाहजहांपुर, बाराबंकी, गौतमबुद्धनगर, कानपुर, उन्नाव और गाजियाबाद. इस मामले में निर्देशों के बाद रविवार यानी आज ही जिलाधिकारियों को रिपोर्ट देनी होगी.
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कोरोना वायरस के कहर से लड़ने के लिए लखनऊ में दो अस्पताल कोविड-19 के लिए बनाने का ऐलान किया गया है. लखनऊ के शहीद पथ पर लोहिया संस्थान के शिशु रेफरल अस्पताल में चलने वाले 6 विभागों को मुख्य कैंपस में शिफ्ट किया जा रहा है. इस जगह पर कोविड-19 बीमारी के लिए आइसोलेशन वार्ड बन रहा है, जिसमें 200 बेड होंगे. लखनऊ के साढ़ामऊ अस्पताल को पूरी तरह कोरोना के आइसोलेशन सेंटर में तब्दील किया जा रहा है.
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दूसरी ओर, रेलवे के स्तर पर भी कोरोना संक्रमण को रोकने और विपरीत परिस्थितियों में मदद करने के लिए तैयारी की जा रही है. इसके तहत मरीज़ों के लिए रेल कोच में आइसोलेशन बेड बनाए जा रहे हैं. अगर इमरजेंसी में आवश्यकता पड़े तो मरीज़ों का उपचार यहां भी किया जा सकेगा. आलमबाग स्थित रेल कैरिज वर्कशॉप में आइसोलेशन कोच बनाने का काम शुरू हो गया है. यहां कुल दस कोच तैयार होंगे, जिनमें प्रत्येक में एक-एक केबिन डॉक्टर और नर्स के होंगे. वहीं आठ केबिन में मरीज रखे जाएंगे. हर कोच में 220 वोल्ट की बिजली सप्लाई के लिए अलग से वायरिंग होगी, जिससे आवश्यक मशीनें चलाई जा सकें.
बता दें, कोच में ड्रिप और ग्लूकोज चढ़ाने की व्यवस्था रहेगी. एक केबिन में एक मरीजरहेगा. बीच की सीट हटा दी गई है, जिससे पेशेंट को बैठने में आसानी हो. टॉयलेट दिन में 5 से 6 बार सैनिटाइज होगा. इसके अलावा डॉक्टर और अन्य स्टाफ के लिए खास सूट भी यहां तैयार हो रहे हैं, जो कोरोना के मरीजों के इलाज के दौरान पहने जाएंगे.