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UP: फर्जी सचिवालय अधिकारी बन अफसरों को धमकाता था बीटेक पास युवक, गिरफ्तार

गिरफ्तार किया गया हिमांशु शुक्ला बीटेक पास है. साल 2013-14 में हिमांशु शुक्ला संविदा पर सचिवालय में अनुसेवक पर काम करता था. सचिवालय में संविदा पर अनुसेवक की नौकरी करते हुए हिमांशु शुक्ला को सचिवालय के रसूख का चस्का लग गया. संविदा की नौकरी खत्म हो गई तो हिमांशु शुक्ला खुद को सचिवालय का फर्जी अधिकारी बता अफसरों को फोन करने लगा था.

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गिरफ्तार जालसाज हिमांशु शुक्ला
गिरफ्तार जालसाज हिमांशु शुक्ला
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सचिवालय में संविदा पर काम कर चुका है हिमांशु
  • STF ने किया गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश में बीटेक पास एक युवक ने 2 साल संविदा पर सचिवालय में काम किया तो उसे सचिवालय की नौकरी के रसूख का ऐसा चस्का लगा कि नौकरी के बाद भी वो खुद को सचिवालय का अधिकारी बताने लगा और तमाम अफसरों को सिफारिशी फोन करने लगा. जानकारी के मुताबिक अब यूपी एसटीएफ ने इस फर्जी सचिवालय अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया है.

यूपी एसटीएफ ने लखनऊ के विभूति खंड से सचिवालय का अधिकारी बनकर जिलों में तैनात तमाम विभागों के अफसरों को फोन पर दबदबा बनाकर काम कराने की कोशिश करने वाले जालसाज को गिरफ्तार किया है.

गिरफ्तार किया गया हिमांशु शुक्ला बीटेक पास है. साल 2013-14 में हिमांशु शुक्ला संविदा पर सचिवालय में अनुसेवक पर काम करता था. सचिवालय में संविदा पर अनुसेवक की नौकरी करते हुए हिमांशु शुक्ला को सचिवालय के रसूख का चस्का लग गया. संविदा की नौकरी खत्म हो गई तो हिमांशु शुक्ला खुद को सचिवालय का फर्जी अधिकारी बता अफसरों को फोन करने लगा था.

इसी कड़ी में बीते दिनों जालसाज हिमांशु शुक्ला ने डीएम मिर्जापुर के दफ्तर में एक शस्त्र लाइसेंस की फाइल के लिए डीएम को फोन किया, उनके रीडर को फोन किया और उसके बाद जिले के एडिशनल एसपी चौकी इंचार्ज को तक फोन पर जल्दी लाइसेंस की रिपोर्ट लगाने के लिए धमकाने लगा. बातचीत के लहजे से अधिकारियों को शक हुआ तो यूपी एसटीएफ को सूचना दी गई और हिमांशु शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया गया.

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अफसरों को दबदबे में लेने के लिए हिमांशु ने पहले 945441 सीरीज का सिम हासिल किया, उसके बाद ट्रूकॉलर पर प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश शासन के नाम पर नंबर सेव किया और फिर अफसरों को गृह विभाग के अफसर का OSD बनकर फोन करने लगा.

अब तक की पूछताछ में हिमांशु शुक्ला ने कुबूल किया है कि वह बीते 4 सालों से जिले के अफसरों को फोन कर काम करवाता रहा है. काम करवाने के एवज में लोगों से पैसा लेता और इस तरह फर्जी सचिवालय अधिकारी बनकर ठगी का धंधा चला रहा था.

(इनपुट- संतोष कुमार)

 

 

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